Site icon 24 News Update

लापता पति की तलाश में टंकी पर चढ़ी पत्नी, 6 घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा; SIT गठन के आश्वासन पर उतरी नीचे

Advertisements

24 News Update उदयपुर। गोगुंदा क्षेत्र के कुंडाऊ गांव में शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला अपने लापता पति की तलाश की मांग को लेकर निर्माणाधीन पानी की टंकी पर चढ़ गई। करीब छह घंटे तक चले इस हाई वोल्टेज घटनाक्रम ने प्रशासन और पुलिस को भी असहज स्थिति में डाल दिया। अंततः विशेष जांच टीम (SIT) बनाने के आश्वासन के बाद महिला नीचे उतरने को तैयार हुई।
जानकारी के अनुसार कुंडाऊ निवासी 27 वर्षीय कमला बाई सुबह करीब साढ़े सात बजे गांव की पानी की टंकी पर चढ़ गई और वहां से जोर-जोर से चिल्लाते हुए अपने पति को ढूंढने की मांग करने लगी। उसने साफ कहा कि जब तक पुलिस उसके पति के बारे में ठोस जानकारी नहीं देती, वह नीचे नहीं उतरेगी। इस दौरान उसने आत्महत्या की धमकी भी दी, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में तनाव की स्थिति बन गई।
कमला का पति तुलसीराम गमेती (29) पिछले 43 दिनों से लापता है। परिजनों के अनुसार वह 15 फरवरी को घर से सीमेंट खाली करवाने के बहाने एक व्यक्ति के साथ गया था, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा। इस संबंध में गोगुंदा थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई गई, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस सुराग नहीं मिलने से परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया। एएसपी अंजना सुखवाल, गिर्वा डीएसपी राजेश यादव, प्रशिक्षु आईपीएस असीमा वाधवानी, एसडीएम शुभम भैसारे, तहसीलदार प्रणीण कुमार सैनी और गोगुंदा थानाधिकारी श्याम सिंह चारण सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। साथ ही एसडीआरएफ की टीम भी तैनात की गई।
करीब पांच घंटे तक अधिकारी टंकी के नीचे खड़े रहकर महिला और उसके परिजनों को समझाते रहे। इस दौरान सैकड़ों ग्रामीण और आदिवासी समाज के लोग मौके पर जमा हो गए और पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताने लगे।
कमला ने बताया कि उसका पति परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था और उसके तीन छोटे बच्चे हैं। पति के लापता होने के बाद परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआती दिनों में मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
बढ़ते दबाव के बाद पुलिस ने तुलसीराम की तलाश के लिए पोस्टर जारी किए और सूचना देने वाले को एक लाख रुपए इनाम देने की घोषणा भी की, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। इसी से आहत होकर कमला ने यह कदम उठाया।

Exit mobile version