24 News Update उदयपुर। प्रदेश में सक्रिय हुए नए मौसम सिस्टम ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी कई जिलों को बारिश की चपेट में रखा। बीकानेर, जालोर, श्रीगंगानगर, बाड़मेर, जैसलमेर और जयपुर सहित अनेक इलाकों में रुक-रुककर बरसात दर्ज की गई, जबकि कई स्थानों पर तेज हवाओं ने ठंडक बढ़ा दी। उदयपुर में भी आज सुबह से मौसम हवाओं वाला बना हुआ है। शहर के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई तो कहीं-कहीं बूंदाबांदी का दौर चला। दोपहर तक केवल एक-दो बार ही सूर्य के दर्शन हुए हैं। वहीं पूरे राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने अचानक करवट ली है और बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और हादसों ने हालात को चिंताजनक बना दिया है।
इस बदले मौसम का सबसे दर्दनाक असर जैसलमेर में देखने को मिला, जहां बारिश के दौरान टूटी हाईटेंशन लाइन ने दो युवकों की जान ले ली। सागड़ थाना क्षेत्र में रात के अंधेरे में सड़क पर गिरे बिजली के तार की चपेट में आने से बाइक सवार चचेरे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की जानकारी सुबह सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है।
इधर, बेमौसम बारिश किसानों पर भी भारी पड़ रही है। बाड़मेर और जैसलमेर में जीरा और ईसबगोल की खड़ी और कटी फसलें खराब हो गई हैं। कई इलाकों में खेतों में पड़ी फसलें भीगकर खराब हो चुकी हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विभाग अब नुकसान का आकलन कर रहा है।
मौसम के इस बदलाव से तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। कई शहरों में दिन का पारा सामान्य से 7 से 9 डिग्री तक नीचे चला गया है, जिससे मार्च में ही सर्दी जैसा अहसास होने लगा है।
श्रीगंगानगर में सुबह तेज बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलीं, जबकि सीकर के श्रीमाधोपुर में करीब आधे घंटे तक बूंदाबांदी हुई। भीलवाड़ा में बादलों की घेराबंदी के बीच तेज हवाएं चलीं और हल्की बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह सिस्टम 20 मार्च तक सक्रिय रहेगा। इस दौरान कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। बुधवार को भी प्रदेश के कई जिलों में ओले गिरे थे और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली थीं।

