24 News Update उदयपुर। राजभाषा हिंदी के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) उदयपुर द्वारा वार्षिक राजभाषा समारोह 2025–26 तथा भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम 6 मार्च को क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान के शास्त्री सभागार में उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।
अध्यक्षता भारत संचार निगम लिमिटेड के प्रधान महाप्रबंधक एवं नराकास अध्यक्ष हरिप्रसाद मीणा ने की। कार्यक्रम का संचालन नराकास के सचिव गिरिराज पालीवाल ने किया। इस अवसर पर विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों, उपक्रमों, बैंकों और बीमा संस्थानों से जुड़े राजभाषा अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
समारोह में राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों को सम्मानित किया गया। केंद्रीय कार्यालयों की श्रेणी में क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान, उदयपुर को प्रथम, भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण, पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्र को द्वितीय तथा उदयपुर सौर वेधशाला को तृतीय स्थान प्रदान किया गया। वहीं आयकर विभाग, उदयपुर और खान सुरक्षा महानिदेशालय, उदयपुर को प्रोत्साहन पुरस्कार दिए गए।
उपक्रम श्रेणी में बीईएमएल, उदयपुर को प्रथम, भारत संचार निगम लिमिटेड को द्वितीय और कर्मचारी राज्य बीमा निगम को तृतीय स्थान मिला। इसके अतिरिक्त केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 और केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 को प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
बैंक और बीमा श्रेणी में भारतीय जीवन बीमा निगम को प्रथम, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को द्वितीय और केनरा बैंक को तृतीय स्थान प्रदान किया गया, जबकि पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा को प्रोत्साहन पुरस्कार दिए गए।
प्रमुख आकर्षण आयोजित कवि सम्मेलन रहा, जिसमें कवियों सुनील व्यास, मनोज गुर्जर, दीपिका माही और लोकेश महाकाली ने ओज, हास्य और भावपूर्ण रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन का प्रभावी संचालन राव अजातशत्रु ने किया।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के व्यापक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि राजभाषा केवल शासन की भाषा नहीं, बल्कि जनसंवाद और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। पूरे आयोजन के दौरान सभागार में उत्साह और गरिमा का माहौल बना रहा।
कवि सम्मेलन में गूंजे ओज, हास्य और भाव के स्वर

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