24 News Update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। सरोदा गांव को राज्य सरकार द्वारा जारी नवीन पंचायत समिति पुनर्गठन अध्यादेश में पंचायत समिति का दर्जा नहीं दिए जाने पर ग्रामीणों में आक्रोश फूट पड़ा।
सुबह से ही ग्रामीण बस स्टैंड पर एकत्र हुए और अधिसूचना की प्रतियां जलाकर, नारेबाजी करते हुए, टायर जलाकर तथा मानव श्रृंखला बनाकर विरोध जताया।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायतों की संख्या, जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और सागवाड़ा से दूरी को देखते हुए सरोदा सबसे उपयुक्त पंचायत समिति मुख्यालय है।
करियाणा पंचायत में सरपंच कांतिलाल परमार, उप सरपंच गजेंद्र पाटीदार, शिवराम पाटीदार, कमलेश कलाल, नटवरलाल, मोहनलाल, गौतमलाल, भावेश, मुकेश, रमनलाल, कांतिलाल, कचरुलाल, रतनजी सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
विरोध पारड़ा सरोदा और नई छोटी पादरड़ी पंचायत तक भी पहुंचा, जहां ग्रामीणों ने अधिसूचना की प्रतियां जलाकर चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आगामी चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा।
सरोदा में पूर्ण बंद रहा। सरोदा पंचायत समिति संघर्ष समिति की बैठक में व्यापारी, युवा और महिलाएं शामिल हुए। प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा।
सरोदा को पंचायत समिति का दर्जा न मिलने पर उबाल, ग्रामीण कर रहे उग्र प्रदर्शन और बाजार बंद

Advertisements
