24 News update मैड्रिड/लिस्बन/पेरिस, 28 अप्रैल 2025: यूरोप के कई प्रमुख देशों—स्पेन, पुर्तगाल, फ्रांस और बेल्जियम—में सोमवार को अचानक हुए व्यापक बिजली संकट ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। इस ब्लैकआउट ने न केवल रोजमर्रा की गतिविधियों को ठप किया, बल्कि परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं, और संचार नेटवर्क को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया। लाखों लोग बिना बिजली के अंधेरे में रहने को मजबूर हैं, जबकि मेट्रो, रेल, हवाई अड्डे, और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में यूरोपीय पावर ग्रिड में तकनीकी खराबी को प्रमुख कारण माना जा रहा है, लेकिन साइबर हमले की संभावना को भी नकारा नहीं जा रहा। ब्लैकआउट का व्यापक असर: शहर अंधेरे में डूबे सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे (स्थानीय समय) स्पेन और पुर्तगाल में बिजली आपूर्ति अचानक ठप हो गई, जिसके कुछ ही समय बाद दक्षिणी फ्रांस और बेल्जियम के कुछ हिस्सों में भी ब्लैकआउट की खबरें सामने आईं। स्पेन की राजधानी मैड्रिड, पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन, और बार्सिलोना, वालेंसिया, पोर्टो जैसे प्रमुख शहर अंधेरे में डूब गए। ट्रैफिक सिग्नल बंद होने से सड़कों पर भारी जाम लग गया, और मेट्रो ट्रेनें सुरंगों में फंस गईं, जिससे हजारों यात्री घंटों तक फंसे रहे। पुर्तगाल के पोर्टो और फारो हवाई अड्डों पर जनरेटर के सहारे न्यूनतम संचालन जारी है, लेकिन लिस्बन हवाई अड्डे पर उड़ानें रद्द होने से यात्री परेशान हैं। मैड्रिड का बाराखास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जो प्रतिदिन लाखों यात्रियों को सेवा देता है, पूरी तरह ठप है। स्पेन के रेल नेटवर्क रेनफे ने सभी ट्रेन सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दीं, जिससे वालेंसिया के वाक्विन सोरोला स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ जमा हो गई। स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा संकट ब्लैकआउट का सबसे गंभीर प्रभाव स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है। पुर्तगाल के मिसेरिकॉर्डिया अस्पतालों ने सभी गैर-आपातकालीन सर्जरी रद्द कर दीं, जबकि मैड्रिड के ला पाज अस्पताल में बैकअप जनरेटर के सहारे केवल जरूरी सेवाएं चल रही हैं। अधिकारियों ने अस्पताल कर्मचारियों को बिजली बचाने के लिए कंप्यूटर और गैर-जरूरी उपकरण बंद करने के निर्देश दिए हैं। पुर्तगाल के राष्ट्रीय चिकित्सा आपातकाल संस्थान (INEM) ने जनरेटर के माध्यम से अपनी टेलीफोन और कंप्यूटर प्रणालियों को चालू रखा है, लेकिन संचार सेवाओं के ठप होने से आपातकालीन प्रतिक्रिया में देरी हो रही है। संचार और वित्तीय सेवाएं प्रभावित मोबाइल नेटवर्क और टेलीकम्युनिकेशन सेवाओं के ठप होने से नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में कार्ड पेमेंट सिस्टम काम नहीं कर रहा, जिसके चलते लोग नकदी निकालने के लिए एटीएम पर लंबी कतारों में खड़े हैं। स्पेन के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं भी बाधित हैं, जिससे डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन संचार पूरी तरह प्रभावित हुआ है। ब्लैकआउट की संभावित वजहें प्रारंभिक जांच में यूरोपीय पावर ग्रिड में असंतुलन को ब्लैकआउट का प्रमुख कारण माना जा रहा है। पुर्तगाल की ग्रिड ऑपरेटर ई-रेडेस ने इसे “यूरोपीय बिजली प्रणाली में समस्या” का परिणाम बताया, जबकि स्पेन की रेड इलेक्ट्रिका ने कहा कि वह ऊर्जा कंपनियों के साथ मिलकर बिजली बहाली के लिए काम कर रही है। हालांकि, साइबर हमले की आशंका ने भी चिंता बढ़ा दी है। स्पेन के अधिकारियों ने कहा कि वे इस संभावना की जांच कर रहे हैं, क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर बिजली संकट असामान्य है। 2003 में स्विट्जरलैंड में एक पेड़ से बिजली लाइन कटने के कारण इटली में ब्लैकआउट हुआ था, जिसके बाद यूरोप ने अपनी ऊर्जा प्रणाली को मजबूत करने के दावे किए थे। मौजूदा संकट ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फ्रांस के दक्षिण-पश्चिम में अलारिक माउंटेन पर लगी आग को भी संभावित कारणों में शामिल किया गया है, जिसने पेरपिगन और नारबोन के बीच हाई-वोल्टेज लाइन को नुकसान पहुंचाया। हालांकि, फ्रांस में ब्लैकआउट का प्रभाव सीमित रहा और कुछ ही मिनटों में बिजली बहाल कर ली गई। सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों पर असर स्पेन की राजधानी मैड्रिड में चल रहे प्रतिष्ठित मैड्रिड ओपन टेनिस टूर्नामेंट को बिजली संकट के कारण बीच में ही रोकना पड़ा। स्कोरबोर्ड और कोर्ट कैमरे बंद होने से खिलाड़ी और दर्शक निराश होकर स्टेडियम से बाहर निकल गए। ब्रिटिश खिलाड़ी जैकब फर्नले ने इस स्थिति को “अप्रत्याशित और निराशाजनक” बताया। स्पेन के लोकप्रिय पर्यटन स्थल सविल, बार्सिलोना, और वालेंसिया में भी पर्यटकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। होटल, रेस्तरां, और पर्यटक आकर्षण केंद्र बिजली के अभाव में बंद हैं, जिससे पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका लगा है। बिजली बहाली के प्रयास और चुनौतियां स्पेन की रेड इलेक्ट्रिका के सीईओ एदुआर्दो प्रिएटो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बिजली बहाली में 6 से 10 घंटे लग सकते हैं। कंपनी ने देश के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में आंशिक रूप से बिजली बहाल कर दी है, लेकिन पूर्ण बहाली में समय लगेगा। पुर्तगाल की ई-रेडेस ने भी इसी तरह के प्रयास शुरू किए हैं, लेकिन ग्रिड की जटिलता और प्रभावित क्षेत्रों की व्यापकता के कारण प्रक्रिया धीमी है। स्पेन सरकार ने मोनक्लोआ में आपातकालीन बैठक बुलाई है और स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक बिजली उपयोग से बचने और आपातकालीन सेवाओं को अनावश्यक कॉल न करने की अपील की है। यूरोप के ऊर्जा नेटवर्क पर सवाल इस ब्लैकआउट ने यूरोप के ऊर्जा नेटवर्क की विश्वसनीयता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यूरोपीय आयोग ने वर्षों से देशों के बीच बेहतर ऊर्जा प्रणाली एकीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया है, लेकिन प्रगति धीमी रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा संकट यूरोप को अपनी ऊर्जा नीतियों और बुनियादी ढांचे पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर करेगा। यूरोप में यह ब्लैकआउट न केवल एक तकनीकी विफलता है, बल्कि यह आधुनिक समाज की बिजली पर निर्भरता और ऊर्जा प्रणालियों की कमजोरियों को भी उजागर करता है। साइबर हमले की जांच और ग्रिड की बहाली के प्रयासों के बीच, लाखों लोग अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं। स्पेन, पुर्तगाल, और अन्य प्रभावित देशों के लिए यह संकट एक चेतावनी है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... 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