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विद्यापीठ के डॉ. चंद्रेश छतलानी का विश्व रिकॉर्ड, डिजिटल शिक्षा में रचा नया इतिहास

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उदयपुर, 28 दिसंबर। जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के शिक्षाविद् और नवाचारकर्मी डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी ने एक बार फिर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विद्यापीठ और उदयपुर का नाम रोशन किया है। प्रतिष्ठित पैरामाउंट अचीवमेंट बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने उन्हें एक वर्ष में सर्वाधिक एजुकेशनल, स्किल-बेस्ड एवं लर्निंग-ओरिएंटेड सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए विश्व रिकॉर्ड से सम्मानित किया है। यह उपलब्धि डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर मानी जा रही है।

डॉ. छतलानी द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर विभिन्न विषयों में विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, इंटरैक्टिव और तकनीक-सक्षम बनाते हैं। इन नवाचारों ने पारंपरिक शिक्षण पद्धति को आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ते हुए शिक्षा को नई दिशा दी है।

रिकॉर्ड्स की लंबी श्रृंखला

यह डॉ. छतलानी का नौवां विश्व रिकॉर्ड है। इससे पहले वे

जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संगठनों से सम्मानित हो चुके हैं।
उनके नाम सर्वाधिक शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, एक व्यक्ति द्वारा लिखी गई अधिकतम अंग्रेज़ी लघुकथाओं की पुस्तक, मूलतः अंग्रेज़ी में लिखी गई भारतीय लघुकथा की प्रथम पुस्तक तथा अधिकतम शैक्षणिक गेम्स आधारित ऑनलाइन एप्लीकेशंस निर्माण जैसे विशिष्ट और दुर्लभ रिकॉर्ड दर्ज हैं। इसी वर्ष वर्ल्ड एक्सीलेंस बुक ऑफ रिकॉर्ड ने भी उनके इस शैक्षणिक नवाचार को मान्यता दी है।

लेखन और संपादन में भी मजबूत पहचान

अब तक 17 पुस्तकों के लेखक और 10 पुस्तकों के संपादक रह चुके डॉ. छतलानी का कार्यक्षेत्र शिक्षा, साहित्य और तकनीक—तीनों को एक सूत्र में पिरोता है।

भावुक समर्पण

डॉ. छतलानी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को अपने स्वर्गीय पिता को समर्पित करते हुए इसे अपनी जीवन यात्रा की सबसे भावनात्मक श्रद्धांजलि बताया।

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