24 News Update उदयपुर। शहर में 29 अगस्त 2022 को दिनदहाड़े हुई मणप्पुरम गोल्ड लोन शाखा लूट अब सिर्फ एक वारदात नहीं, बल्कि देशव्यापी संगठित अपराध की बड़ी तस्वीर बनती जा रही है। राजस्थान पुलिस की ताजा कार्रवाई में बिहार के कुख्यात गोल्ड लुटेरे सुबोध सिंह उर्फ बबुआ की गिरफ्तारी के बाद यह लगभग साफ हो गया है कि उदयपुर की इस सनसनीखेज लूट के तार उसी गैंग से जुड़े हैं, जिसने एक दशक में देशभर में 400 किलो से ज्यादा सोना लूटा। कैसे हुई थी उदयपुर में मणप्पुरम गोल्ड लूट29 अगस्त 2022 की सुबह उदयपुर के सुंदरवास स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन की शाखा में पांच नकाबपोश बदमाश घुसे। हथियारों के बल पर कर्मचारियों को बंधक बनाया गया। बदमाशों ने तिजोरी खुलवाई और करीब 23–24 किलो सोना तथा 10–11 लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए।पूरी वारदात महज 20–25 मिनट में अंजाम दी गई। सीसीटीवी फुटेज मिले, लेकिन बदमाश शहर से बाहर निकल चुके थे। पुलिस जांच में सामने आया कि लूट पूरी प्लानिंग के साथ की गई थी—ब्रांच की टाइमिंग, स्टाफ की मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था तक की रेकी पहले से की गई थी। अब सामने आया मास्टरमाइंड का नामअब इस केस की कड़ियाँ सीधे सुबोध सिंह उर्फ बबुआ से जुड़ती दिख रही हैं। राजसमंद जिले की कांकरोली पुलिस ने उसे ओडिशा से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। सुबोध सिंह पर देश के अलग-अलग राज्यों में लूट, हत्या और डकैती के 42 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सुबोध बिहार के नालंदा जिले के चिस्तीपुर गांव का रहने वाला है। उम्र करीब 42 साल, पढ़ाई 12वीं पास। शुरुआत छोटे-मोटे अपराधों से की, फिर 1999 से 2007 तक बिहार पुलिस और STF का मुखबिर रहा। इसी दौरान उसने पुलिस की कार्यशैली, पूछताछ के तरीके और सिस्टम की कमजोरियों को बारीकी से समझ लिया। मुखबिर से मास्टरमाइंड तक का सफरसाल 2008 में सुबोध ने पहली बड़ी डकैती कोलकाता की IOB बैंक में डाली, फिर रायपुर में वारदात की। 2015 तक वह रायपुर जेल में रहा। जमानत पर छूटने के बाद उसने रणनीति बदली और मुथूट, मणप्पुरम जैसी गोल्ड लोन कंपनियों और बड़े ज्वेलर्स को निशाना बनाना शुरू किया। उसने एक संगठित गैंग खड़ी की— हर वारदात से पहले रेकी, हर सदस्य का तय रोल तय करता। एक लूट में 15 से 30 किलो तक सोना मिलता था। जेल से भी चलती रही लूट की फैक्ट्री2018 में बिहार STF ने उसे दोबारा गिरफ्तार किया। उसके पास से 16.5 किलो सोना और हथियार बरामद हुए। लेकिन जेल जाना उसके लिए रुकावट नहीं बना। पटना की बेउर जेल में रहते हुए नए अपराधियों को गैंग में जोड़ाजमानत दिलवाकर बाहर भेजा। बाहर के गुर्गों से ट्रेनिंग दिलवाई। लूट का सोना नेपाल और पश्चिम बंगाल भेजकर गलवाया गया पुलिस का दावा है कि जेल में रहते हुए भी सुबोध अलग-अलग राज्यों में लूट की वारदातें ऑपरेट करता रहा। उदयपुर और कांकरोली केस में कनेक्शनउदयपुर (29 अगस्त 2022): मणप्पुरम गोल्ड लोन, सुंदरवास — 23–24 किलो सोना लूटा, कांकरोली, राजसमंद (23 अगस्त 2023): रूपम गोल्ड ज्वेलर्स — 3 किलो सोना और 18 लाख नकद लूटा। कांकरोली केस में इस्तेमाल की गई बाइक बिहार से चोरी की गई थी और बदमाश ट्रेन से भागे थे—यही पैटर्न उदयपुर केस में भी सामने आया था। पुलिस अब मान रही है कि उदयपुर की मणप्पुरम लूट उसी नेटवर्क का हिस्सा थी, जिसमें पहले ही 3 बदमाश गिरफ्तार किए जा चुके हैं। कांकरोली थाने की सीआई सरोज बैरवा के मीडिया को दिए बयान के मुताबिक, सुबोध सिंह की गैंग ने अलग-अलग राज्यों में करीब 400 किलो से ज्यादा गोल्ड लूटा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation आयड चौकी को थाना बनाने पर की भव्य आतिशबाजी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, दिया कुमारी, ताराचंद जैन का जताया आभार पर्यावरण संरक्षण के चेंजमेकर्सष् को मिला उम्मेदमल लोढ़ा पर्यावरण पुरस्कार