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उदयपुर बनेगा कृषि नवाचारों का संगम, छह राज्यों का क्षेत्रीय कृषि मेला फरवरी में

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24 News Update उदयपुर। कृषि, नवाचार और उद्यमिता का विराट मंच बनने जा रहा है उदयपुर। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के प्रायोजन से क्षेत्रीय कृषि मेला-2026 (पश्चिमी क्षेत्र) का आयोजन 7 से 9 फरवरी, 2026 तक महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर में किया जाएगा। प्रतिदिन यह मेला सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा।
यह तीन दिवसीय कृषि महाकुंभ पश्चिमी भारत के राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, दादर एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव के किसानों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। मेले की थीम “कृषि उद्यमिता—कृषक आर्थिक सशक्तिकरण एवं आजीविका सुरक्षा” रखी गई है, जो किसानों को परंपरागत खेती से आगे बढ़ाकर लाभकारी और टिकाऊ कृषि की ओर प्रेरित करेगी।

किसानों के लिए ज्ञान, तकनीक और संवाद का मंच
राजस्थान कृषि महाविद्यालय के खेल प्रांगण में आयोजित इस मेले में किसानों के लिए अत्याधुनिक कृषि तकनीकों के सजीव प्रदर्शन, उन्नत किस्मों की फसलें, नवीन कृषि यंत्र, ड्रोन और डिजिटल फार्मिंग के प्रयोग, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के मॉडल, जलवायु प्रतिरोधी तकनीकें तथा समन्वित कृषि प्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर मिलेगा।
मेले के दौरान कृषक-वैज्ञानिक संवाद, तकनीकी सत्र, फसल एवं उत्पाद प्रतियोगिताएं, कृषक भ्रमण, विश्वविद्यालय की विभिन्न इकाइयों—दुग्ध, बकरी, मुर्गी, मशरूम, प्राकृतिक खेती, हाईटेक हॉर्टिकल्चर, नवीकरणीय ऊर्जा और सौर इकाई—का अवलोकन भी कराया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले को जनसरोकारों से जोड़ने का कार्य करेंगे।

मोटा अनाज से डिजिटल खेती तक फोकस
एमपीयूएटी द्वारा आयोजित इस क्षेत्रीय कृषि मेले में आजीविका और पोषण सुरक्षा हेतु मोटा अनाज, मृदा स्वास्थ्य एवं पोषण प्रबंधन, जैव उर्वरक एवं जैव कीटनाशक, पौध संरक्षण, कृषि यंत्रीकरण और स्वचालन, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक तथा टिकाऊ खेती जैसे विषयों पर विशेष जोर रहेगा।

कृषि से जुड़े सभी वर्ग होंगे सहभागी
इस भव्य आयोजन में किसान, किसान महिलाएं, युवा उद्यमी, प्रगतिशील कृषक, विद्यार्थी, वैज्ञानिक, आईसीएआर एवं अन्य अनुसंधान संस्थान, राज्य कृषि विश्वविद्यालय, कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग, गैर-सरकारी संगठन, कृषक उत्पादक संगठन (FPO), स्वयं सहायता समूह और कृषि स्टार्टअप भाग लेंगे। कृषि उत्पाद विक्रेताओं और यंत्र निर्माताओं को अपने नवीन नवाचार प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ होगा।

फल-फूल-सब्जी प्रदर्शनी रहेगी आकर्षण का केंद्र
मेले के दौरान विशाल फल-फूल-सब्जी प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें छह राज्यों के किसान देशी-विदेशी किस्मों का सजीव प्रदर्शन करेंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। यह प्रदर्शनी उदयपुरवासियों के लिए भी विशेष आकर्षण होगी।

शहरवासियों के लिए भी खुला मंच
7 से 9 फरवरी तक आयोजित इस प्रदर्शनी में शहरवासी, छोटे उद्यमी और गृहणियां भी भाग ले सकेंगी। जैम, जेली, अचार, मुरब्बा, कैंडी, पापड़, शरबत जैसे घरेलू उत्पादों की प्रविष्टियां देकर वे न केवल अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगी, बल्कि पुरस्कार जीतने का अवसर भी प्राप्त करेंगी।

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