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🏥 उदयपुर सीएमएचओ डबल इंजन विवाद : डॉ. बामणिया और डॉ. आदित्य के बीच अधिकारों की खींचतान तेज, एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप

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24 न्यूज अपडेट, उदयपुर
उदयपुर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) पद को लेकर दो वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ. शंकरलाल बामणिया और डॉ. अशोक आदित्य के डबल इंजन से विवाद अब सार्वजनिक बहस का विषय बन चुका है।

न्यायालय के आदेश, प्रशासनिक प्रक्रिया और व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप के इस मामले ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। विवाद अधिकारियों के बीच का नहीं रहा बल्कि एक ऐसी स्थिति का प्रतीक बन गया है जहां न्यायालय, शासन और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी झलक रही है।

स्पष्ट निर्णय और दिशा-निर्देशों की आवश्यकता है, लेकिन वहां पर सरकार और विभागीय अधिकारी तत्काल निर्णय की बजाय गहरी नींद में सोए हुए हैं।


🔍 पृष्ठभूमि: क्या है मामला?

आपको याद दिला दें कि:

इस पर डॉ. बामणिया ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए तुरंत उदयपुर सीएमएचओ पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया। वहीं दूसरी तरफ कार्यभार संभाले डॉ. अशोक आदित्य का कहना है कि न्यायालय ने सीधे डॉ. बामणिया को जॉइनिंग का अधिकार नहीं दिया, बल्कि राज्य सरकार को पालन कराने के लिए निर्देशित किया था।

👉 इसलिए जब तक सरकार स्पष्ट आदेश नहीं देती, तब तक वे ही विधिसम्मत सीएमएचओ हैं।


⚖️ आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला

🔹 डॉ. अशोक आदित्य का आरोप:

डॉ. आदित्य ने चर्चित सोशल मीडिया समूह ‘उदयपुर चौपाल’ में लिखा कि:


🔹 डॉ. शंकरलाल बामणिया का आरोप:

डॉ. बामणिया का कहना है कि:


मूल प्रश्न जो खड़े होते हैं:

  1. यदि हाईकोर्ट ने डॉ. बामणिया के पक्ष में आदेश दिया है तो राज्य सरकार ने अब तक उनकी पुनः नियुक्ति को लेकर कोई आदेश क्यों नहीं जारी किया?
  2. क्या न्यायालय के आदेशों की व्याख्या करने का अधिकार संबंधित अधिकारियों को है या केवल राज्य सरकार को?
  3. दोनों वरिष्ठ डॉक्टरों के इस टकराव का असर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर किस रूप में पड़ेगा?
  4. क्या यह जरूरी नहीं हो जाता कि विभाग ऐसे मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश दे ताकि संवैधानिक प्रक्रिया का पालन हो और विवाद की स्थिति न बने?
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