मानदेय 22 हजार पर अटके शिक्षक; आदेश जारी होते ही मिलेगा लगभग 55 हजार वेतन व परिलाभ
उदयपुर। तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती–2022 से चयनित और दिसंबर 2023 में नियुक्त उदयपुर जिले के 126 शिक्षकों के दो वर्ष के संतोषप्रद परीवीक्षा काल पूर्ण होने के बावजूद स्थायीकरण आदेश जारी नहीं होने पर शिक्षकों ने बुधवार को जिला कलेक्टर और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर नमीत मेहता तथा जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिया डाबी से मुलाकात कर शीघ्र स्थायीकरण की मांग की।
चौहान ने बताया कि दो वर्ष का परीवीक्षा काल पूर्ण कर चुके 126 शिक्षकों के प्रकरणों की जांच पूरी कर अनुमोदन के लिए जिला शिक्षाधिकारी (प्रारंभिक) द्वारा लगभग एक माह पूर्व जिला परिषद को भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक स्थायीकरण आदेश जारी नहीं हुए हैं।
उन्होंने कहा कि स्थायीकरण आदेश के अभाव में शिक्षकों को वर्तमान में 22,000 रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जबकि आदेश जारी होते ही उन्हें लगभग 55,000 रुपये वेतन सहित अन्य सेवा-परिलाभ मिलने लगेंगे। देरी से शिक्षकों को आर्थिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ज्ञापन के दौरान शिक्षक प्रतिनिधिमंडल में सतीश जैन, भेरूलाल कलाल, कमलेश शर्मा, हितेन्द्र दवे, जसवंत कुंवर राणावत, नेतराम मीणा, कौशल भगोरा, भोलु राम, प्रियाशु कोठारी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
संघ ने प्रशासन से मांग की है कि लंबित फाइलों पर शीघ्र निर्णय लेकर 126 शिक्षकों को स्थायीकरण का लाभ दिया जाए, ताकि वे पूर्ण वेतन और सेवा सुरक्षा के साथ शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन कर सकें।

