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एक नंबर की दो गाड़ियां! एक घर में खड़ी, दूसरी एसपी ओफिस के बाहर, गोगुंदा से भीलवाड़ा तक ‘डुप्लीकेट कार’ का खेल, पुलिस

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24 News Update उदयपुर/भीलवाड़ा। नंबर प्लेट फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला उदयपुर जिले के गोगुंदा निवासी जयदीप सिंह झाला से जुड़ा है, जिनकी कार का रजिस्ट्रेशन नंबर RJ27 CK 2614 एक दूसरी संदिग्ध कार पर भी इस्तेमाल होता मिला—वह भी भीलवाड़ा में SP कार्यालय के बाहर।
घटना 16 अप्रैल की दोपहर करीब 12:15 बजे की है, जब भीलवाड़ा ट्रैफिक शाखा में तैनात हेड कॉन्स्टेबल लेहरू लाल ने जयदीप सिंह को फोन कर उनकी कार को नो-पार्किंग से हटाने को कहा। इस पर जयदीप ने चौंकाते हुए जवाब दिया कि उनकी कार तो गोगुंदा स्थित घर की पार्किंग में खड़ी है।

यहीं से खुलासा हुआ कि एक ही नंबर की दो कारें—एक गोगुंदा में और दूसरी भीलवाड़ा की सड़कों पर—दौड़ रही हैं।

SP ऑफिस के बाहर खड़ी थी ‘पुलिस’ लिखी संदिग्ध कार
जांच में सामने आया कि भीलवाड़ा SP कार्यालय के बाहर खड़ी कार टाटा अल्ट्रोज मॉडल की थी, जिस पर ‘पुलिस’ लिखा हुआ था। इतना ही नहीं, कार के अंदर सीट पर पुलिस की टोपी भी रखी हुई थी, जिससे मामला और ज्यादा गंभीर हो गया। हेड कॉन्स्टेबल लेहरू लाल ने नंबर ट्रेस कर मालिक को कॉल किया तो पूरा मामला सामने आया। इसी दौरान एक व्यक्ति पुलिस वर्दी में आया और खुद को कॉन्स्टेबल राजू बताते हुए कार लेकर वहां से निकल गया।

मालिक के होश उड़ गए, दोनों जिलों में शिकायत
घटनाक्रम से घबराए जयदीप सिंह झाला—जो हाल ही में MSc पास कर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं—ने तुरंत 112 पर सूचना दी और गोगुंदा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। उन्होंने उदयपुर और भीलवाड़ा के SP सहित IG स्तर तक ईमेल के जरिए शिकायत भेजी है। जयदीप ने आशंका जताई है कि उनकी गाड़ी के नंबर का दुरुपयोग किसी बड़ी आपराधिक वारदात में किया जा सकता है।

फर्जीवाड़े के पीछे संगठित गिरोह?
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि फर्जी कार न केवल असली जैसी दिख रही थी, बल्कि उस पर ‘पुलिस’ लिखकर उसे और भी विश्वसनीय बनाया गया था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह किसी संगठित गिरोह का काम हो सकता है, जो फर्जी नंबर प्लेट और पुलिस पहचान का इस्तेमाल कर रहा है।

जांच में जुटी पुलिस
गोगुंदा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एएसआई विनेश कुमार को जांच सौंपी गई है, जिन्होंने भीलवाड़ा ट्रैफिक पुलिस से संपर्क कर जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। वहीं, भीलवाड़ा में भी पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है।

थानाधिकारी का बयान:

गोगुंदा थानाधिकारी श्याम सिंह ने बताया—
घटनाक्रम भीलवाड़ा में हुआ है, लेकिन यहां परिवाद लिया गया है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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