— 2018 के मामले में फरार चल रहे दोनों आरोपी अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार, पुलिस का वारंटियों पर अभियान तेज
उदयपुर। शहर में लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हाथीपोल थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दबिश देकर दो स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार किया है, जो कई वर्षों से लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहे थे।
यह कार्रवाई एसपी अमृता दुहन के निर्देशन में हाथीपोल थानाधिकारी श्रीमती राजू राज देवी के निर्देश पर की गई। पुलिस टीम ने फरार वारंटियों की तलाश में विशेष अभियान चलाया और तकनीकी इनपुट व मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों का पता लगाया। टीम में एएसआई शंभू सिंह, एएसआई मनोज कुमार, वीरू कालबेलिया की गिरफ्तारी में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कांस्टेबल शैलेश, भवानी सहित शामिल रहे।
डेरे में छिपा मिला ‘वीरू कालबेलिया’
पुलिस ने हिम्मतनगर सहित कई स्थानों पर दबिश देकर वीरूनाथ उर्फ वीरू कालबेलिया को डेरे से गिरफ्तार किया। आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर पुलिस से बचता फिर रहा था और लगातार ठिकाने बदल रहा था।
जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ वर्ष 2018 का मामला दर्ज था और वह करीब 7 साल से फरार चल रहा था।
स्थाई वारंट के आधार पर गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय द्वारा जारी स्थाई गिरफ्तारी वारंट के तहत गिरफ्तार किया। मामला सरकार बनाम वीरूनाथ (मुकदमा संख्या 678/2018) से संबंधित है।
दूसरा वारंटी भी गिरफ्तार
इसी अभियान के दौरान पुलिस ने दूसरे फरार वारंटी महेंद्र कुमार पुत्र राजकुमार (निवासी बोरवाड़ी, धानमंडी) को भी गिरफ्तार किया। वह भी लंबे समय से फरार चल रहा था और लगातार स्थान बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था।
कई ठिकानों पर दबिश, तकनीकी इनपुट से मिली सफलता
पुलिस टीम ने तकनीकी जानकारी और खुफिया तंत्र की मदद से दोनों आरोपियों के ठिकानों का पता लगाया और अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया।
