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डमी कैंडिडेट बिठाकर परीक्षा पास कराने वाले 3 डॉक्टर और 2 सरकारी शिक्षक गिरफ्तार, 3 राज्यों में छापे

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24 News update जयपुर। सरकारी भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डमी कैंडिडेट के जरिए परीक्षा दिलाने वाले 3 डॉक्टर और 2 सरकारी शिक्षकों को गिरफ्तार किया है। एसओजी ने तीन राज्यों में एक साथ कार्रवाई करते हुए छह स्थानों पर दबिश दी। मामले में एक अन्य संदिग्ध डॉक्टर को भी राउंडअप कर जयपुर स्थित एसओजी मुख्यालय लाया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि पकड़े गए सभी आरोपी लाखों रुपए लेकर मूल अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा में बैठे और उन्हें वरिष्ठ अध्यापक (द्वितीय श्रेणी) पद पर चयनित करवाया।

आरपीएससी परीक्षा से जुड़ा है मामला
एसओजी के अनुसार यह मामला राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा-2022 से संबंधित है। दिसंबर 2022 में सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान तथा विज्ञान विषय की परीक्षा आयोजित हुई थी। सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान का प्रश्नपत्र लीक होने के कारण परीक्षा निरस्त कर जनवरी 2023 में पुनः परीक्षा करवाई गई थी। इसके बाद शिकायत मिली कि कुछ अभ्यर्थियों ने डमी कैंडिडेट के जरिए परीक्षा पास कर धोखाधड़ी से नौकरी हासिल की। इस पर एसओजी ने वर्ष 2023 में 14 अभ्यर्थियों व अन्य संलिप्त आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

डमी कैंडिडेट की पहचान बनी चुनौती
एसओजी जांच में सबसे बड़ी चुनौती केवल फोटो के आधार पर डमी कैंडिडेट की पहचान करना था। इसके लिए एसओजी ने वन-टाइम रजिस्ट्रेशन डाटाबेस के समानांतर विशेष सॉफ्टवेयर का उपयोग किया। इस तकनीकी मिलान के जरिए संदिग्ध फोटो और विवरणों का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई।

6 जगहों पर दबिश, इनामी आरोपी भी पकड़े
जांच में सामने आया कि छह आरोपी 10-10 हजार रुपए के इनामी थे। मोबाइल नंबर और पते ट्रेस होने के बाद एसओजी ने सोमवार सुबह अंडमान, कोलकाता, जालौर, कोटा और जयपुर में एक साथ कार्रवाई की।

ये आरोपी किए गए गिरफ्तार
महेश कुमार बिश्नोई (एमबीबीएस छात्र, चतुर्थ वर्ष, जयपुर):
मूल अभ्यर्थी दिनेश कुमार गोदारा निवासी जालौर की जगह परीक्षा दी, 3 लाख रुपए लिए।
महिपाल बिश्नोई (एमबीबीएस छात्र, चतुर्थ वर्ष, कोटा):
मूल अभ्यर्थी सुरतराम मीणा निवासी बरनाला, गंगापुर सिटी की जगह परीक्षा दी, 5 लाख रुपए लिए।
सही राम (एमबीबीएस छात्र, चतुर्थ वर्ष, पोर्ट ब्लेयर):
मूल अभ्यर्थी दिनेश कुमार निवासी सांचौर, जिला जालौर की जगह परीक्षा दी, 3 लाख रुपए लिए।
हनुमाना राम (राजकीय अध्यापक):
फरार मूल अभ्यर्थी अशोक कुमार बिश्नोई निवासी धोरीमन्ना, बाड़मेर की जगह परीक्षा दी, 5 लाख रुपए लिए।
निवास कुराडा (राजकीय अध्यापक):
फरार मूल अभ्यर्थी मनोहर सिंह बिश्नोई निवासी करावड़ी, जालौर की जगह परीक्षा दी, 5 लाख रुपए लिए।
प्रिंस (संदिग्ध डमी, एमबीबीएस छात्र, कोलकाता):
फरार मूल अभ्यर्थी मनोहर सिंह बिश्नोई की जगह परीक्षा देने का संदेह, कोलकाता से पकड़ा गया, जयपुर लाया जा रहा है।

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