24 News Update उदयपुर। राजस्थान में परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ करने वाले गिरोह पर आखिरकार शिकंजा कस ही गया। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बीएसटीसी परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 महिलाओं सहित 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 11 मूल अभ्यर्थी उदयपुर ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े हैं, जबकि एक अन्य आरोपी डमी कैंडिडेट के रूप में सामने आया है।
यह पूरा मामला वर्ष 2019 और 2020 की बीएसटीसी परीक्षाओं से जुड़ा है, जिसमें अभ्यर्थियों ने खुद परीक्षा देने के बजाय दूसरों को बैठाकर चयन पाने की कोशिश की। लंबे समय तक दबे इस फर्जीवाड़े का खुलासा अब फोरेंसिक जांच के जरिए हुआ है, जिसने पूरी साजिश की परतें खोल दीं।
एडीजी एसओजी विशाल बंसल के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में जगदीश गमार, जीवतराम मोडिया, लक्ष्मी कुमारी, मन्नालाल भगौरा, मुकेश, संजय, विक्रम, विशाल, लोकेश कुमार, प्रेम कुमारी, राहुल बोडात और रवीन्द्र सिंह शामिल हैं। ये सभी अलग-अलग इलाकों से हैं, लेकिन इनका तरीका एक ही था—डमी कैंडिडेट के जरिए परीक्षा पास करना।
दरअसल, इस गिरोह की कहानी 4 फरवरी 2021 से शुरू होती है, जब पाली जिले के रोहट थाना पुलिस ने अशोक सारण नाम के एक संदिग्ध को पकड़ा था। उसकी तलाशी में बीएसटीसी परीक्षा से जुड़े दस्तावेज मिलने के बाद शक गहराया और पूछताछ में डमी कैंडिडेट रैकेट का खुलासा हुआ। इसके बाद मामला एसओजी के पास पहुंचा और जांच का दायरा धीरे-धीरे बढ़ता गया।
जांच के दौरान एसओजी ने संदिग्ध अभ्यर्थियों के हस्ताक्षर और लिखावट के नमूने जुटाए और उन्हें विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा। यहीं से पूरे खेल का सच सामने आया। एफएसएल रिपोर्ट में परीक्षा हॉल में किए गए हस्ताक्षर और वास्तविक अभ्यर्थियों के सैंपल मेल नहीं खाए। इस एक वैज्ञानिक प्रमाण ने यह साफ कर दिया कि परीक्षा किसी और ने दी थी और अभ्यर्थी केवल नाम के थे।
इस कार्रवाई में तकनीक और फोरेंसिक साइंस निर्णायक साबित हुई। वर्षों तक सिस्टम को चकमा देने वाले आरोपी अंततः हैंडराइटिंग जांच के जाल में फंस गए। एसओजी अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की वैज्ञानिक जांच ने अब परीक्षा फर्जीवाड़े के मामलों में बच निकलने की संभावनाएं लगभग खत्म कर दी हैं।
फिलहाल एसओजी की जांच यहीं नहीं रुकी है। अब फोकस उन डमी कैंडिडेट्स पर है, जिन्होंने पैसों के बदले दूसरों की जगह परीक्षा दी। इनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही इस नेटवर्क के और चेहरे सामने आने की संभावना है।
डमी कैंडिडेट गैंग पर एसओजी का शिकंजा: 5 साल पुराने बीएसटीसी फर्जीवाड़े में उदयपुर से 11 कैंडिडेट सहित 12 गिरफ्तार

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