— रोते हुए मायूस लौटे देशभर से आए अभ्यर्थी, बार—बार अनुरोध पर भी कोई नहीं आया बात करने 24 News Update उदयपुर। गांधी ग्राउंड में सोमवार को राजस्थान होमगार्ड भर्ती 2023 के फिजिकल परीक्षण के दौरान गंभीर अव्यवस्था सामने आई। विभिन्न जिलों से पहुंचे कैंडिडेट्स को मौके पर यह कहकर बाहर कर दिया गया कि वे अन्य जिले से हैं और यहां फिजिकल में शामिल नहीं हो सकते। उदयपुर का मूल निवास चाहिए। जबकि यह स्थिति तब बनी, जब भर्ती प्रक्रिया के दौरान कैंडिडेट्स ने जब फार्म भरे थे तब किसी को किसी भी जिले से आवेदन करने और अपनी सुविधा के अनुसार जिला चुनने का विकल्प दिया गया था। कैंडिडेट्स ने उसी आधार पर उदयपुर को प्राथमिकता देते हुए आवेदन किया था और उन्हें विधिवत एडमिट कार्ड भी जारी किए गए थे जिन पर उदयपुर में फिजिकल टेस्ट का समय व स्थान आदि बताया गयां रात से लाइन में लगे, अलसुबह बाहर कियाकैंडिडेट्स ने बताया कि वे रविवार देर रात को उदयपुर पहुंच गए थे। दो दिन तक यहां पर भी तैयारी की। अभ्यर्थी रात 12 बजे से ही मैदान के बाहर लाइन में लग गए। इसके बाद करीब दो बजे जब प्रवेश प्रक्रिया आरंभ हुई तो तब प्रारंभिक स्तर पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई। लेकिन बाद में अचानक आयोजकों द्वारा घोषणा की गई कि जो कैंडिडेट होम डिस्ट्रिक्ट याने कि उदयपुर से संबंधित नहीं हैं, वे भर्ती प्रक्रिया से बाहर चले जाएं। फैसले से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कैंडिडेट्स ने विरोध किया और अधिकारियों से स्पष्ट आदेश दिखाने की मांग की, लेकिन मौके पर कोई वरिष्ठ अधिकारी सामने नहीं आया।कैंडिडेट्स का आरोप है कि उन्हें समझाने या सुनवाई करने के बजाय बाहर का रास्ता दिखाया गया। कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि वे घंटों तक बाहर इंतजार करते रहे, लेकिन न तो कोई स्पष्ट सूचना दी गई और न ही वैकल्पिक व्यवस्था बताई गई। टोल-फ्री नंबर, पीसीआर और स्थानीय पुलिस से संपर्क करने के प्रयास भी बेअसर रहे। कैंडिडेट्स को पहले इंतजार करने के लिए कहा गया और बाद में यह सूचना दी गई कि वे वापस लौट जाएं। अंदर से कोई बात नहीं की जाएगी। मौके पर मौजूद हाथीपोल थानाधिकारी राजु देवी व जाप्ते ने परीक्षार्थियों से समझाइश की व स्थिति को बखूबी संभाला। करीब 150–200 कैंडिडेट प्रभावितमौके पर मौजूद कैंडिडेट्स ने रोते हुए बताया कि करीब 150 से 200 अभ्यर्थियों को फिजिकल में शामिल होने का अवसर नहीं दिया गया, जबकि कुल मिलाकर लगभग 500 कैंडिडेट के आस पास इस केंद्र पर पहुंचे थे। कोटपुतली-बहरोड़ के सोनू मेहरा, डीडवाना-कुचामण के महिपाल, झुंझुनूं के विनोद कुमार, जयपुर के रामावतार वर्मा, आयुष शर्मा, पीयूष शर्मा और दीपांशु शर्मा तथा आगरा से आए धर्मेंद्र सिंह और उमराव सिंह ने बताया कि उन्होंने फिजिकल के लिए लंबे समय तक तैयारी की थी और पूरी तैयारी के साथ यहां पहुंचे थे। तीन साल की मेहनत पर और घर वालों की गाढ़े पसीने की कमाई पर एक पल में पानी फेर दिया गया। इसके लिए जो भी जिम्मेदार हैं उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए। कैंडिडेट्स का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान कहीं भी यह शर्त स्पष्ट नहीं की गई थी कि फिजिकल केवल होम डिस्ट्रिक्ट में ही दिया जा सकेगा। इसके बावजूद मौके पर इस आधार पर उन्हें बाहर कर दिया गया, जो पूरी तरह अनुचित है। एडमिट कार्ड जारी, फिर भी नहीं मिली एंट्रीकैंडिडेट्स ने बताया कि उन्होंने एसएसओ आईडी के माध्यम से होमगार्ड की आधिकारिक वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड किए थे और उसी के अनुसार निर्धारित तिथि व स्थान पर पहुंचे थे। ऐसे में उन्हें यह विश्वास था कि वे प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे, लेकिन मौके पर उन्हें मौका ही नहीं दिया गया। घटना के बाद कैंडिडेट्स ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार की जिला-आधारित शर्त लागू थी, तो इसकी स्पष्ट सूचना पहले दी जानी चाहिए थी, ताकि वे अनावश्यक रूप से समय और संसाधन खर्च कर यहां न आते। घटनाक्रम न केवल भर्ती प्रक्रिया की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर गया बल्कि उन कैंडिडेट्स के साथ हुए अन्याय को भी उजागर करता है, जो निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए यहां पहुंचे थे। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या प्रभावित कैंडिडेट्स को दोबारा अवसर देने पर कोई निर्णय लिया जाता है। या फिर कोर्ट ही कोई फैसला करता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उदयपुर में 39 ईवी चार्जिंग स्टेशन बनेंगे, पीएम ई-ड्राइव योजना से प्रदेश को 81.12 करोड़ की मंजूरी मेवाड़ प्रताप सेवा संस्थान की ‘कार्यक्रम झलकियां’ पुस्तक का विमोचन, सेवा कार्यों की दी जानकारी