24 News Update उदयपुर। नगरीय विकास कर को लेकर निगम ने शुक्रवार को फिर से अचानक कार्रवाई हुई। ऐसा लगता है कि हर पांच सात दिन में अफसर नींद से जागते हैं और अचानक उनको याद आता है कि यूडी टेक्स पर कार्रवाई करनी है। उसके बाद वे कुछ मामलों की फाइल मंगवा कर उन पर उंगली रख देते हैं कि इनको सीज कर आओ। जबकि जनता बार बार ये मांग कर रही है कि एक ऐसी लिस्ट सार्वजनिक की जाए कि किस—किस महानुभाव का कब—कब से टेक्स बकाया है व अगला नंबर आखिर किसका कब आने वाला है। जो जमा नहीं करवा रहे हैं उसकी सूची में आने वाले दिनों में किन पर कार्रवाई की जाने वाली है। जब आप कार्रवाई करके नाम सार्वजनिक कर रहे हो तो फिर सूची दिखाने में क्या आपत्ति हो सकती है। कहा जा रहा है कि निगम के अफसरों को इस बात का डर है कि सूची सामने आ गई तो कई बड़े बड़ों के नाम सामने आ जाएंगे। उनके भी जिनके कारण उनका निगम में वजूद व रसूख बरकरार है। जो इनको लाए हैं उनका नाम आखिर कैसे सार्वजनिक कर दें ये पसोपेश वाली स्थिति है। याने अफसर जनता के लिए नहीं, खास लोगों के लिए काम कर रहे हैं। अगर ऐसा नहीं है तो निगम की वेबसाइट पर सार्वजनिक कर देना चाहिए कि कौन कौन यूडी टेक्स के डिफाल्टर हैं। सवाल ये हैं कि आज की कार्रवाई के तीन नाम कैसे चुनें। क्या उनका नंबर वरीयता में था। यदि था तो लिस्ट कहां हैं, सार्वजनिक करो। अगर नहीं कर सकते तो फिर जनता की आलोचना भी सुननी ही पडेगी, बार बार सुननी पड़ेगी। आईएएस अफसर भी जनता के पैसों से ही तनख्वाह पाता है, वह जनता से उपर कतई नहीं है।आज निगम की विज्ञप्ति में बताया गया कि 3 संपत्तियों की सीज किया है। निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने स्पष्ट किया है कि निगम, नगरीय विकास कर को लेकर किसी भी प्रकार से कोई रियायत नहीं करेगा। मगर खन्ना साहब ये नहीं बता रहे हैं कि वो सूची कौनसी है जिससे कि जब्ती का नंबर आ रहा है। बताया जा रहा है कि 31 मार्च तक विशेष छूट का प्रावधान किया गया है जिसका लाभ लेते हुए लोगों को नगरीय विकास कर जमा करवाना है।ये आए लपेटे मेंशुक्रवार को भूपालपुरा बजाज भवन लक्ष्मण दास बजाज, किसनदास बजाज जिसका नगरीय विकास कर कुल 1,31,410/- बकाया था जिसे सीज किया गया। चेतक सर्किल स्थित भगवत सिंह छाबड़ा की संपत्ति जिसका नगरीय विकास कर कुल 1,89,090/- रूपये बकाया था जिसे भी सीज किया गया। आयड धुलकोट से ठोकर चौराहा रोड स्थित जयप्रकाश चौहान (श्रीनाथ सर्विस सेंटर) की संपत्ति जिसका कुल 1,32,004 /- रुपया नगरीय विकास कर बकाया चल रहा था उसको भी सीज किया गया। आयुक्त खन्ना के अनुसार इनके द्वारा नगरीय विकास कर की राशि जमा नहीं कराने से नगर निगम द्वारा इन व्यावसायिक सम्पतियों पर ताला लगा इनकी व्यावसायिक गतिविधियाँ बन्द करा दी गई। संबंधित फर्मों द्वारा टैक्स बकाया रहने के लिए कोई संतोषप्रद कारण भी नही बताया गया। फर्म से कुल बकाया का नोटिस भी तामिल करवाया जा चुका था। सभी कार्यवाही पूरी करने के उपरांत निगम ने कार्यवाही करते हुए राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा की उपबंधो के अधिन यू डी टैक्स की वसूली की पूर्ती हेतु चार संपतियो को सीज करने की कार्यवाही की गई। कार्यवाही के दौरान राजस्व निरीक्षक मोहित अग्निहोत्री, विजय जैन और भारी पुलिस बल मौजूद रहा। सीज करने के पश्चात चेतक सर्किल स्थित भगवत सिंह छाबड़ा की संपत्ति जिसका नगरीय विकास कर कुल 1,89,090/- रूपये बकाया था, ने निगम आकर अपनी राशि जमा करवाई। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उज्जैन में त्रिमेस समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न, शिक्षा-संस्कार को बताया समाज उन्नति का आधार मौसम विभाग ने बताया, 3 मार्च को पूर्ण चंद्र ग्रहण, भारत के अधिकांश हिस्सों में चंद्रोदय के समय दिखेगा समापन