कविता पारख 24 News Update निंबाहेड़ा । संभवतरू संपूर्ण मेवाड़ और प्रदेश में कल्लाजी वेदपीठ ही ऐसा स्थान हैं, जहां कल्याण नगरी के राजाधिराज ठाकुरश्री कल्लाजी अपने भक्तों को उनके आराध्य के विभिन्न स्वरूपों में दर्शन देकर न केवल धन्य कर रहे बल्कि कल्याण नगरी को भक्ति की नगरी के साथ देश के वैदिक मानचित्र पर अनुठी पहचान बनाने में नया कीर्तिमान स्थापित करने के लिए आतुर हैं। इसी कड़ी में 20 वें कल्याण महाकुंभ के सप्तम दिवस मंगलवार को वेदपीठ पर विराजित ठाकुरजी का वेदपीठ के कुशल आचार्यों गोपाल शर्मा, त्रिलोक शर्मा सहित अन्य पंडितों एवं बटुकों ने कड़ी मेहनत एवं पूरी लगन के साथ ठाकुर जी को श्रीनाथ स्वरूप में श्रंगारित कर भक्तों को दातों तले अंगुलियां दबाने पर विवश कर दिया। सैकड़ों भक्तों ने श्रंगार दर्शन में ठाकुरजी के श्रीनाथ स्वरूप में मनोहारी दर्शन कर स्वयं को धन्य किया। इतना ही नहीं वेदपीठ पर विराजित सभी पंचदेवों का मनभावन श्रृंगार और सतरंगी फूलों की झांकी ऐसे शोभायमान लग रही थी, मानो श्रीनाथ जी नवीन मनोरथ के साथ कल्याण नगरी में पधार गए हो।श्रीनाथ जी का छप्पनभोग धराया ठाकुरजी कोकल्याण महाकुंभ के सप्तम दिवस जहां ठाकुरजी को श्रीनाथ जी का स्वरूप धराया गया, वहीं उन्हें श्रीनाथ को न्यौछावर किए जाने वाले नाथद्वारा के पाक शास्त्रियों द्वारा तैयार किए गए नानाविध मिष्ठान एवं चटपटे व्यंजनों के 201 थाल अर्पित कर सजाई गई छप्पनभोग की झांकी भी भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। श्रीनाथ जी के स्वरूप के साथ उन्हीं पसंद के भोग ने भक्तों के लिए दर्शन द्विगुणित हो गए। इसी प्रकार षष्ठम दिवस भी विद्वान आचार्यों की मेहनत एवं प्रभु की कृपा के अनुरूप ठाकुरजी का जगन्नाथ स्वरूप और वहीं उनके प्रिय छप्पनभोग की झांकी भक्तों के लिए अनुठी और यादगार बन गई।श्रीराम महायज्ञ में सहस्त्र नामावली के साथ यजमानों ने दी आहूतियांकल्याण महाकुंभ के तहत सिद्धाश्रम तीर्थ के श्रीराम यज्ञ मंडप में पंचम दिवस लगभग 300 यजमान युगलों ने शाकल्य एवं गो घृत की आहूतियां देते हुए सर्वत्र खुशहाली एवं अच्छी वर्षा की कामना की। इस दौरान स्थापित देवताओं के साथ ही प्रभु श्री राम के सहस्त्र नामावली के साथ आहूतियां देते हुए भगवान विष्णु के षोडस अवतार की पूजा के लिए नन्हें वीर बालकों को तत्स्वरूप मानते हुए वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कर भगवान विष्णु के सप्तम अवतार श्रीराम की कृपा दृष्टि बनाए रखने का अनुनय आग्रह किया गया।2500 घरों में स्थापित किया जा रहा मानस ग्रंथ20 वां कल्याण महाकुंभ प्रभु श्री राम के नाम समर्पित होने के साथ ही इस वर्ष महाकुंभ के दौरान अयोध्या से आई मानस मर्मज्ञ दीदी मंदाकिनी के मुखारविंद से श्रीराम कथा रसामृतपान कराने का सुअवसर प्रदान किया गया हैं। वहीं 51 कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ किया जा रहा हैं। इस बीच राम कृपा से नगर एवं आसपास के ढाई हजार घरों में मानस की स्थापना करने का स्तुत्य प्रयास किया जा रहा हैं, ताकि हर घर में मानस का पारायण करते हुए वृद्धों के साथ साथ युवाओं और भावी पीढ़ी को भी राम भक्ति से जोड़कर संस्कारवान बनाने का अनुकरणीय कार्य संभव हो सकेगा।पूनम दीदी के मीरा-कृष्ण भजनों से कथा मंडपम बना भक्तिमय वृंदावनवृंदावन की सुप्रसिद्ध भजन गायिका साध्वी पूनम दीदी ने सोमवार को कल्याण महाकुम्भ के षष्ठम दिवस की रात्रि भजन संध्या में कृष्ण भक्ति का ऐसा समा बांध दिया। जिससे सभी श्रोता मंत्रमुग्ध होकर ऐसी अनुभूति करने लगे मानो वे वृंदावन में भजनों की सरिता में गौते लगाकर भव्य सागर पार करने को आतुर हो। मीरा बाई की परम् भक्त पूनम दीदी ने भक्त शिरोमणि मीरा के प्रसिद्ध भजनों में से प्रमुख भजन ऐकली खड़ी रे मीरा बाई ऐकली खड़ी, मोहन आओ तो सरी गिरधर आओ तो सही सुनाकर समूचे वातावरण को मीरा भक्ति से सराबोर कर दिया।इस भजन ने सबके नयनो में भक्ति का सागर लहरा दिया। हर कोई मेवाड़ी मीरा के भावो को आत्मसात करता नजर आया। उन्होंने बृज भाषा में भगवान श्री कृष्ण को रिझाने व लाड़ली जू राधा रानी के अनन्य प्रेम को प्रकट करने वाले भजनों के माध्यम से श्रोताओं को तालियों की संगत के साथ भक्तिरस में सराबोर कर दिया। उन्होंने अपने ही अंदाज में भजन संध्या में श्री राम जय राम, राधा राधा के सुमिरन करवाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जब सौप दिया सब भार तुम्हें इस दिन दुखी का सहारा हो तुम, मैं भी आ गया हूँ की जमाने की ठोकरे खाकर अपनी चौखट का मुझे पत्थर बना क्यों नहीं देते, ओ बिहारी हमें वृन्दावन बुला क्यों नहीं लेते जैसे भजनो से कथा मंडपम सुहाने मौसम में बृज के माहौल में कृष्ण भक्ति से सरोबार हुआ।इंडियन आइडल की वैशाली और वॉयस ऑफ इंडिया के सुमित आज देंगे मनभावन भजनों की प्रस्तुतिमहाकुंभ के अंतिम चरण में बुधवार रात्रि को श्रीराम धाम कथा मंडप में ठाकुरजी की संध्या महाआरती के पश्चात इंडियन आइडल फेम वैशाली रायकवार अपने भजनों, सजा दो घर को और लगन तुमसे लगा बैठे जैसे मनभावन भजनों की प्रस्तुति देकर भक्तिमय वातावरण बनाते हुए रसिक श्रोताओं को अपने ही अंदाज में भक्ति सरोवर में गौते लगाने के लिए विवश करेगी। वहीं वॉयस ऑफ इंडिया विजेता सुमित सैनी अलग ही अंदाज में आया बाबा मैं तो तेरे दर और तेरी कृपा का दरिया जैसे मनभावन भजनों की अपनी मधुर वाणी और स्वरों का जादू बिखेरते हुए महाकुंभ की भक्ति संध्या को परवान चढ़ाने में कोई कोर कसर नहीं रखेंगे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... 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