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बिहार में खत्म हुआ सुशासन बाबू का राज, सीएम की कुर्सी पर बैठेंगे सम्राट

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24 News Update पटना। बिहार की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला, जहां सम्राट चौधरी को पहले भारतीय जनता पार्टी और फिर NDA विधायक दल का नेता चुन लिया गया। इसके साथ ही उनका मुख्यमंत्री बनना लगभग तय हो गया है। वे राजभवन पहुंचकर राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
इस घटनाक्रम से पहले लंबे समय तक राज्य की सत्ता संभालने वाले नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वे सम्राट चौधरी और विजय चौधरी के साथ एक ही वाहन से राजभवन पहुंचे और अपना इस्तीफा सौंपा। इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि अब नई सरकार राज्य का काम संभालेगी और उन्हें उनका पूरा सहयोग रहेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि बिहार आगे भी प्रगति करेगा।
विधानसभा के सेंट्रल हॉल में हुई NDA विधायक दल की बैठक में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दृश्य देखने को मिला, जहां खुद नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा। उन्होंने सम्राट को माला पहनाकर स्वागत किया और विधायकों से तालियां बजवाईं। इसके जवाब में सम्राट चौधरी ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह दृश्य सत्ता परिवर्तन के साथ-साथ राजनीतिक सौहार्द और संतुलन का संकेत देता नजर आया।
सम्राट चौधरी ने नेता चुने जाने के बाद कहा कि उन्होंने राजनीति नीतीश कुमार से सीखी है और उनके “समृद्ध बिहार” के विजन को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे नरेंद्र मोदी की विचारधारा और पार्टी के सिद्धांतों के अनुरूप राज्य के विकास के लिए काम करेंगे।
नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की आखिरी बैठक भी भावुक माहौल में संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि 2005 से अब तक उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार बिहार के लिए काम किया और आगे भी नई सरकार को मार्गदर्शन देते रहेंगे। बैठक के बाद कुछ मंत्री भावुक भी नजर आए।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच यह भी उल्लेखनीय है कि सर्वे में सम्राट चौधरी को पहले ही जनता की पहली पसंद बताया गया था, जहां 34 प्रतिशत लोगों ने उन्हें संभावित मुख्यमंत्री के रूप में चुना था।
अब 15 अप्रैल को पटना स्थित लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह प्रस्तावित है। इसके साथ ही बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री पद संभालेगा, जो राज्य की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है।

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