24 News Update जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से लेक्चरर (प्राध्यापक) भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है। पात्रता जांच और दस्तावेज सत्यापन के बाद घोषित परिणाम में बड़ी संख्या में पद खाली रह गए हैं। पॉलिटिकल साइंस विषय में 225 पदों के मुकाबले केवल 6 अभ्यर्थियों का ही चयन हो पाया है, जिससे 219 पद खाली रह गए। यह परीक्षा 6 जुलाई 2025 को आयोजित हुई थी, जिसमें 84,846 में से 45,674 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा के दौरान 386 अभ्यर्थियों को 10 प्रतिशत से अधिक प्रश्नों में विकल्प नहीं भरने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
कटऑफ में ‘कैंडिडेट नॉट एवेलेबल’
आयोग द्वारा जारी कटऑफ सूची में सामान्य, एसटी सामान्य और एक्स-सर्विसमैन सामान्य श्रेणी को छोड़कर अधिकांश श्रेणियों में “NA” यानी “कैंडिडेट नॉट एवेलेबल” दर्ज किया गया है, जो योग्य अभ्यर्थियों की कमी को दर्शाता है। लेक्चरर भर्ती परीक्षा में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है, जबकि आरक्षित वर्ग को 5 प्रतिशत की छूट दी गई है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस न्यूनतम सीमा को भी पार नहीं कर सके, जिसके कारण पद रिक्त रह गए।
कॉमर्स में भी 58 पद खाली
कॉमर्स विषय में भी स्थिति कुछ बेहतर नहीं रही। 340 पदों के लिए आयोजित परीक्षा में दस्तावेज सत्यापन के बाद 265 अभ्यर्थियों को मुख्य सूची में सफल घोषित किया गया, जबकि 17 अभ्यर्थियों को आरक्षित सूची में रखा गया। इसके बावजूद 58 पद खाली रह गए।
2202 पदों के लिए निकली थी भर्ती
गौरतलब है कि RPSC ने 25 अक्टूबर 2024 को विभिन्न विषयों के कुल 2202 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। बड़ी संख्या में पद खाली रहने के बाद अब चयन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न और न्यूनतम अंकों की अनिवार्यता पर सवाल उठने लगे हैं। यह स्थिति न केवल अभ्यर्थियों बल्कि शिक्षा व्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय बन गई है।

