24 News Update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। भीलूड़ा गांव में वर्ष 1984 से आबादी भूमि में रास्ते से संबंधित विवाद चला आ रहा था, जिसे एक दिन में ही तहसीलदार रमेशचंद्र वडेरा की उपस्थिति में सुलझा लिया गया।
तहसीलदार रमेशचंद्र वडेरा ने बताया कि रास्ते का विवाद शंकरलाल भट्ट एवं भोगीलाल सुथार के मध्य करीब 41 वर्षों से चला आ रहा था, जो जिला कलेक्टर तक पहुंचा। जिला कलेक्टर के निर्देशों की पालना में राजस्व टीम द्वारा तहसीलदार डॉ. रमेशचंद्र वडेरा को विशेष रूप से आबादी भूमि में स्थित रास्ता खुलवाने के निर्देश दिए गए थे। दोनों पक्षों को किसी प्रकार का नुकसान न हो तथा किसी को अनुचित लाभ भी न मिले, इस उद्देश्य से आपसी सहमति से मामले का निपटारा कराया गया। प्रशासन की ओर से जेसीबी मंगवाकर भू-अभिलेख निरीक्षक नितेश शुक्ला, पटवारी भूपेश पाटीदार, ग्राम विकास अधिकारी भावेश पाटीदार एवं सरपंच प्रवीण डामोर के सहयोग से रास्ता खुलवाकर अतिक्रमण मुक्त किया गया। प्रशासन द्वारा खुलवाए गए मार्ग पर अब सीसी सड़क का निर्माण कराया जाएगा, जिससे आमजन की आवाजाही सुगम होगी। वर्षों पुराने विवाद के निस्तारण पर परिवादी शंकरलाल भट्ट खुशी से भावुक हो उठे एवं तहसीलदार का आभार व्यक्त किया।
जानकारी के अनुसार पूर्व में इस विवाद को लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर कई बार समितियां गठित की गईं, लेकिन दोनों पक्षों में सहमति नहीं बनने से मामला सुलझ नहीं पाया था। इस अवसर पर मानशंकर भट्ट, रमेश सोमपुरा, हेमेंद्र भट्ट, खुशवंत भट्ट उपस्थित रहे।
विगत कई वर्षों से चल रहे रास्ते के विवाद को एक दिन में सुलझाया

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