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बाबूलाल कटारा के कंधे पर बंदूक रखकर नौकरियां बेचने वाले नेता आज सुरक्षित हैं : राजकुमार रोत, भाजपा वाशिंग मशीन से धुलकर आए मालवीया

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24 News Update उदयपुर। राजस्थान में चर्चित सेकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती पेपर लीक प्रकरण अब केवल एक परीक्षा घोटाला नहीं रहा, बल्कि इसके पीछे सक्रिय राजनीतिक संरक्षण और सत्ता-संरक्षित नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं। बांसवाड़ा-डूंगरपुर के सांसद राजकुमार रोत ने उदयपुर में तीखे शब्दों में कहा कि बाबूलाल कटारा को अकेला आरोपी बनाना सच्चाई से भागने का सबसे आसान रास्ता है।
रोत ने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति को राजस्थान लोक सेवा आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान में जगह मिली, क्या वह बिना राजनीतिक सिफारिश के संभव था? उन्होंने कहा कि कटारा के कंधे पर बंदूक रखकर नौकरियां बेचने वाले नेता आज भी सुरक्षित हैं, जबकि पूरा दोष एक व्यक्ति पर डाल दिया गया।

कांकरी डूंगरी से RPSC तक की कड़ी
सांसद रोत ने आरोप लगाया कि वर्ष 2020 के कांकरी डूंगरी आंदोलन को शांत कराने की राजनीतिक कीमत के रूप में बाबूलाल कटारा को RPSC सदस्य बनाया गया। उन्होंने कहा कि यह कोई सामाजिक या प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि विशुद्ध राजनीतिक सौदेबाजी थी। कटारा की नियुक्ति के कुछ ही दिनों बाद उनकी भूमिका पर सवाल उठने लगे, लेकिन तब सब चुप रहे।

नाम सामने, जवाब गायब
रोत ने रघुवीर सिंह मीणा, दिनेश खोड़निया और पूर्व मंत्री अर्जुन बामनिया जैसे नेताओं के नाम लेते हुए कहा कि ये वही चेहरे हैं जो उस दौर में निर्णायक भूमिका में थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नाम गिनाना उद्देश्य नहीं, बल्कि यह बताना है कि कार्रवाई केवल एक व्यक्ति तक सीमित क्यों है।

‘वॉशिंग मशीन राजनीति’ पर कटाक्ष
पूर्व मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीया का उल्लेख करते हुए रोत ने कहा कि जब आरोप कांग्रेस में थे, तब गंभीर थे, भाजपा में गए तो धुल गए और अब फिर कांग्रेस में लौट आए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह राजनीति की वही वॉशिंग मशीन है, जिसमें दाग पार्टी बदलते ही साफ हो जाते हैं।

जीरो टॉलरेंस या राजनीतिक मौन?
रोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सीधे सवाल पूछते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है, तो फिर ED के बयानों में आए राजनीतिक नामों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? उन्होंने कहा कि यदि शीर्ष स्तर पर चुप्पी रही, तो यह नीति केवल नारा बनकर रह जाएगी।

कटारा की सुरक्षा और साजिश की जांच की मांग
सांसद ने बताया कि बाबूलाल कटारा ने जांच एजेंसियों को जान का खतरा होने की बात कही है, जो पूरे प्रकरण को और गंभीर बनाती है। उन्होंने मांग की कि केवल आरोपी नहीं, बल्कि पूरे राजनीतिक नेटवर्क की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को बेनकाब किया जाए।

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