उदयपुर। हार्टफुलनेस के वैश्विक गुरु कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ के निर्देशन में रविवार को हार्टफुलनेस मेडिटेशन संस्थान, उदयपुर केंद्र द्वारा चित्रकूट नगर में ‘ग्रीन हार्टफुलनेस रन’ का सफल आयोजन किया गया। दौड़ का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, फिटनेस और आध्यात्मिक संतुलन के संदेश को समाज तक पहुंचाना था। कार्यक्रम में शहर के सैकड़ों नागरिकों, डॉक्टरों, एडवोकेटों, मेवाड़ रनर्स टीम के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हरे झंडे से हुई शुरुआतकार्यक्रम के मुख्य अतिथि आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग उदयपुर के संयुक्त निदेशक एवं लेखक डॉ. पुनीत शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ की शुरुआत करवाई। इस अवसर पर अतिथियों का उपरणा ओढ़ाकर स्वागत भी किया गया। डॉ. शर्मा ने संबोधन में कहा कि ग्रीन हार्टफुलनेस रन केवल फिटनेस का आयोजन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक संदेश है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बारे में भी उपयोगी जानकारी साझा की। आध्यात्म और पर्यावरण का अनूठा संगमहार्टफुलनेस संस्थान, अजमेर केंद्र के वरिष्ठ प्रशिक्षक भगवान सहाय शर्मा ने ‘फॉरेस्ट बाय हार्टफुलनेस’ कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्थान आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ वृक्षारोपण, जल संरक्षण और हरियाली बढ़ाने जैसे कई राष्ट्रीय अभियानों पर कार्य कर रहा है। रन का उद्देश्य खेल भावना के माध्यम से पर्यावरणीय जागरूकता को मजबूत करना था। धावकों का सम्मान, पौधों का वितरणकेंद्र समन्वयक डॉ. राकेश दशोरा ने बताया कि दौड़ पूरी करने वाले पहले 50 धावकों को तुलसी एवं अन्य उपयोगी पौधों का वितरण कर सम्मानित किया गया। मीडिया प्रभारी डॉ. सुबोध शर्मा के अनुसार 25 युवा धावकों को मेडल देकर भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के बाद प्रतिभागियों के लिए सामूहिक ध्यान सत्र भी आयोजित हुआ, जिसने सभी को शांति और एकाग्रता का अनुभव कराया। व्यापक जनभागीदारीकार्यक्रम समन्वयकों दीपक मेनारिया और हिमांशु दवे ने बताया कि आयोजन में ज़ोन समन्वयक मधु मेहता, पदमपत सिंघानिया यूनिवर्सिटी के मुकेश मिश्रा, वरिष्ठ प्रशिक्षक डॉ. के.के. सक्सेना, पुष्पा सक्सेना, मोहन बोराणा, गीता प्रसाद राजावत, डॉ. कैलाश तिवारी, प्रफुल्ल गांधी, आशा शर्मा, डॉ. आशु सेठी, दीपक सेठी, मधु सिंघवी, अंजलि चावत, मंजु बोराणा, रंजना शर्मा, धर्मराज, परेश सहित अनेक बुजुर्ग, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। देशभर में अभियान का विस्तारयह आयोजन केवल उदयपुर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देशभर के 119 तथा राजस्थान के 51 स्थानों पर एक साथ आयोजित किया गया। अब तक लाखों लोग इस दौड़ से जुड़ चुके हैं और 22,000 से अधिक पेड़ लगाने व उनके संरक्षण के लिए समुदायों को जोड़ा जा चुका है। सरकारी विभागों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से यह पहल अब एक महत्वपूर्ण जनआंदोलन के रूप में विकसित हो रही है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उदयपुर पुलिस का वांछित अपराधियों पर बड़ा शिकंजा: अलसुबह की दबिश में 331 अपराधी गिरफ्तार, 720 से अधिक स्थानों पर छापे विद्या भवन रूरल इंस्टीट्यूट में ‘IDEA SHOWCASE 2025’ का सफल आयोजन, 40 विद्यार्थियों व 7 व्याख्याताओं ने प्रस्तुत किए नवाचारी विचार