24 News update उदयपुर। युगधारा साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं वैचारिक मंच की अध्यक्ष किरण बाला ‘किरण’ के नवीन काव्य संग्रह “किरण हूं मैं” का भव्य लोकार्पण समारोह मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के अतिथि सभागार में संपन्न हुआ।
समारोह के मुख्य अतिथि पंकज ओझा (आरएएस), अतिरिक्त आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, राजस्थान सरकार रहे। अध्यक्षता प्रो. कर्नल शिवसिंह सारंगदेवोत ने की। विशिष्ट अतिथियों में प्रो. नवीन नंदवाना और रेखा अरोड़ा ‘स्मित’ ने काव्य संग्रह पर समीक्षात्मक वक्तव्य दिए।
मुख्य अतिथि पंकज ओझा ने कहा कि “संगीत और साहित्य जीवन को नवीन दृष्टि प्रदान करते हैं। किरण बाला की रचनाओं में ईश्वर-प्रेम और भक्ति की गहराई स्पष्ट दृष्टिगोचर होती है।”
प्रो. नवीन नंदवाना ने संग्रह में प्रकृति का मानवीकरण, भावनात्मक गहराई तथा सामाजिक चेतना की अभिव्यक्ति की सराहना की। रेखा अरोड़ा ‘स्मित’ ने कहा कि “किरण की रचनाएं आत्मचिंतन और आध्यात्मिक भाव से परिपूर्ण हैं, जो पाठकों को भीतर तक छू लेती हैं।”
ज्योतिपुंज ने कहा कि किरण बाला के काव्य में स्वाभिमान, सांस्कृतिक चेतना और नारी सशक्तिकरण के स्वर मुखरित हैं। किरण के परिवारजनों — चेतन जीनगर, कोमल जीनगर और राकेश जीनगर ने भी रचनाकार के सृजनात्मक व्यक्तित्व पर अपने उद्गार व्यक्त किए।
किरण बाला ने अपनी साहित्यिक यात्रा साझा करते हुए कहा कि “पुस्तकें बहुत बोलती हैं, हाथ में आते ही बतियाने लगती हैं, बस उन्हें सुनना आना चाहिए।”
इस आयोजन में आसपास के कई जिलों से पधारे 150 से अधिक साहित्यप्रेमियों एवं साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में माधव नागदा, प्रमोद सनाढ्य, सूर्य प्रकाश दीक्षित, अफजल खान ‘अफजल’, राजकुमार पालीवाल, सहित अनेक वरिष्ठ साहित्यकार उपस्थित रहे।
दीपा पंत और शीतल ने मंच संचालन किया, श्याम मठपाल ने स्वागत उद्बोधन एवं डॉ. सिम्मी सिंह ने आभार व्यक्त किया।
समारोह ने साहित्य-जगत में न केवल नई ऊष्मा भरी, अपितु नवोदित रचनाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी सिद्ध हुआ।

