24 News Update यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के भारणी स्थित आवास पर संपादक विवेकानंद शर्मा तथा प्रकाशक श्री गोविंदम श्रीमाधोपुर की 142 पेज की पुस्तक ‘मैं झाबर सिंह खर्रा’ का विमोचन हुआ। पुस्तक का विमोचन यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के कर कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविद शिवकुमार जोशी, पुस्तक प्रकाशक श्री गोविंदम के सुरेश कुड़ी, पुस्तक के संपादक विवेकानंद शर्मा व संवाद सेतु के दिलीप शर्मा, श्रवण चौधरी मौजूद रहे।संपादक विवेकानंद शर्मा ने कहा कि पुस्तक में खर्रा के जीवन से जुड़े विभिन्न पक्षों के साथ-साथ सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन में उनके योगदान को रेखांकित किया गया है। पुस्तक में झाबर सिंह खर्रा के विभिन्न साक्षात्कार, विधानसभा में उनके भाषण तथा 30 से अधिक लेखकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के विचारों का संकलन है। विवेकानंद शर्मा ने बताया कि पुस्तक में विभिन्न छायाचित्रों के माध्यम से भी झाबर सिंह खर्रा के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को व्यक्त करने का प्रयास किया गया है।पुस्तक के प्रकाशक श्री गोविंदम के सुरेश कुड़ी ने कहा नेताओं की जीवनी पर आधारित पुस्तकें उनके संघर्ष, नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शिता को समझने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। ये पुस्तकें केवल घटनाओं का विवरण नहीं देती, बल्कि मूल्य, नैतिकता और विपरीत परिस्थितियों में निर्णय लेने की कला सिखाती हैं। संवाद सेतु के दिलीप शर्मा ने कहा संपादक विवेकानंद शर्मा तथा प्रकाशक ने धैर्य और सूक्ष्म दृष्टि से एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व के कृतित्व को जनता के सामने रखा है। पुस्तक में नागरमल लोकनाथका गुरुजी का आलेख खर्रा परिवार की प्रत्यक्ष अनुभूति, सहपाठी सत्यनारायण खांडल की कलम से गरीब को गणेश मानने वाले जननेता तथा मानसिंह शेखावत के लेख अंत:दृष्टि व दूरदृष्टि वाले राजनेता समेत तीन दर्जन से अधिक आलेख व छायाचित्रों के झरोखे से खर्रा परिवार की जीवन यात्रा को वस्तुपरक दर्शाया गया है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation डॉ.अंबेडकर भवन का नाम बदलने की साजिश और महामहीम राष्ट्रपति के अपमान पर फूटा बहुजन समाज का गुस्सा,आंदोलन की चेतावनी 400 वर्ष पुराने देवगढ़ महल में विदेशी मेहमानों पर चढ़ा फागण का रंग, राजस्थानी गीतों पर झूमे सैलानी