24 News Update जयपुर। राजधानी के जयसिंहपुरा खोर इलाके से जुड़ा एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जहां लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी उमर हारिस उर्फ अमजद उर्फ ‘खरगोश’ करीब एक साल तक गुमनाम तरीके से रह रहा था। उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाया और उसी के जरिए इंडोनेशिया होते हुए सऊदी अरब भागने में सफल रहा।
जांच में सामने आया कि आतंकी राशिद विहार कॉलोनी (सड़वा मोड़ के पास) में ‘सज्जाद’ नाम से किराए पर रह रहा था। उसे हरियाणा के एक युवक ने महज 1500 रुपए में कमरा दिलवाया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वह दिन के करीब 16 घंटे लैपटॉप पर बिताता था और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करता था।
सुनसान इलाके का चुना ठिकाना
आतंकी ने जानबूझकर ऐसी लोकेशन चुनी, जहां आवाजाही कम हो। कॉलोनी अंदर होने के कारण वहां लोगों का आना-जाना कम रहता है, जिससे वह बिना शक के एक साल तक छिपा रहा। मामले का खुलासा तब हुआ जब जम्मू-कश्मीर पुलिस को इनपुट मिला। इसके बाद राजस्थान एटीएस की मदद से 3 अप्रैल को संयुक्त कार्रवाई करते हुए कॉलोनी में दबिश दी गई। करीब 10 गाड़ियों में पुलिस पहुंची और कई घंटों तक पूछताछ की। एटीएस के एडीजी दिनेश एम.एन. के अनुसार, चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंपा गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि ‘सज्जाद’ नाम से रह रहा व्यक्ति बेहद शांत स्वभाव का था, न किसी से मिलना-जुलना, न कोई सामाजिक गतिविधि। वह केवल नमाज के लिए जाता और तुरंत लौट आता था। इसी व्यवहार के चलते वह लंबे समय तक संदेह से बचा रहा। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि जयपुर में उसके सहयोगी कौन थे और वह लैपटॉप के जरिए किन गतिविधियों में शामिल था। घटना के बाद इलाके में सन्नाटा और लोगों में हैरानी का माहौल है।
जयपुर में एक साल तक छिपा रहा आतंकी, फर्जी पहचान से पासपोर्ट बनाकर विदेश भागा

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