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हार्डकोर अपराधी दिलीप नाथ ने फर्जी दस्तावेजों से पटना से बनाया था फर्जी पासपोर्ट, विदेश भागने की फिराक में था, एक और मामला दर्ज

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24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। राजस्थान के कुख्यात हार्डकोर अपराधी दिलीप नाथ का फर्जी पासपोर्ट बनवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बिहार (पटना) से पासपोर्ट बनवाया और विदेश भागने की साजिश रची। उदयपुर पुलिस अब इस मामले में पटना (बिहार) में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है। जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के अनुसार, पासपोर्ट कार्यालय पटना से प्राप्त रिकॉर्ड से खुलासा हुआ है कि दिलीप नाथ ने अपने वास्तविक पते सीसारमा, उदयपुर को बदलकर बिकोपुर, कोठी बाजार, गया, बिहार दर्शाया। उसने अपने जन्म स्थान के तौर पर गया (बिहार) लिखकर दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिससे वह जांच एजेंसियों की नजरों से बच सके। पासपोर्ट आवेदन में दिलीप ने खुद के खिलाफ किसी भी प्रकार का आपराधिक मामला नहीं होना बताया, जबकि राजस्थान में उस पर हत्या, फिरौती, मारपीट, जमीन हथियाने जैसे 35 से अधिक गंभीर अपराध दर्ज हैं। इसके बावजूद 15 अप्रैल 2025 को पटना कार्यालय ने उसे पासपोर्ट जारी कर दिया।
इससे पहले, 09 मई 2025 को उदयपुर पुलिस ने 10 हजार रुपये के इनामी और थाना नाई का हिस्ट्रीशीटर दिलीप नाथ को महिला के भेष में छिपा हुआ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान उसने पुलिस को चकमा देने के लिए महिला की वेशभूषा अपनाई थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता से वह भागने में नाकाम रहा। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि दिलीप नाथ और उसके साथियों ने थाना सुखेर क्षेत्र के एक पीड़ित को जबरन घर से उठाकर तहसील कार्यालय बडगांव ले जाकर 35 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी की। पीड़ित और उसकी बेटी को जान से मारने की धमकी देकर जमीन एग्रीमेंट करवाया गया। इस मामले में प्रकरण संख्या 121/25, धारा 111 (2)(इ), 111(3), 111(6), 140(2), 308(2), 308(3), 308(4), 318(2), 318(4), 61 बीएनएस 2023 के तहत मामला दर्ज है। इस प्रकरण में अब तक नरेश वैष्णव और नरेश पालीवाल को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि नामजद अन्य आरोपियों में निलंबित पुलिस कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह, गजेन्द्र चौधरी (निवासी अंबामाता मंदिर के पीछे), देवेन्द्र गायरी उर्फ डेविड (निवासी कालारोही), शंकर सिंह (निवासी ब्राह्मणों का गुड़ा, अंबेरी), पींटू कलाल (निवासी मेहरों का गुड़ा), नारायण दास वैष्णव, कमल दया पुत्र मांगी लाल और उनके अन्य साथी शामिल हैं। हार्डकोर अपराधी दिलीप नाथ फिलहाल 18 मई 2025 तक पुलिस अभिरक्षा में है। अब कूटरचित पासपोर्ट प्रकरण को लेकर पटना में कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।

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