24 News Update उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में समाज को कर संबंधी जागरूकता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लेखांकन एवं व्यावसायिक सांख्यिकी विभाग द्वारा कर साक्षरता अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कुलपति सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने अभियान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विभाग द्वारा तैयार किया गया कर साक्षरता पर आधारित एक लघु शैक्षिक वीडियो भी यूट्यूब के माध्यम से आमजन के लिए जारी किया गया।उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कुलगुरु प्रो. सारस्वत ने लेखांकन एवं व्यावसायिक सांख्यिकी विभाग को इस अभिनव पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि कर साक्षरता जैसे विषय केवल अकादमिक महत्व तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह जागरूक, जिम्मेदार और कानूनन सजग नागरिकों के निर्माण की नींव रखते हैं। समाज के प्रति विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी को निभाने की दिशा में यह अभियान अत्यंत सराहनीय प्रयास है।कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष एवं वाणिज्य महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. शूरवीरसिंह भाणावत ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को आयकर एवं कर प्रणाली के प्रति जागरूक करना, कर से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना तथा स्वैच्छिक कर अनुपालन को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि कर अनुपालन केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का महत्वपूर्ण नागरिक दायित्व भी है।प्रो. भाणावत ने बताया कि विभाग आगामी समय में कर जागरूकता से जुड़े और भी लघु शैक्षिक वीडियो तैयार करेगा, जिन्हें यूट्यूब एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाएगा। इसके साथ ही सेमिनार, कार्यशालाएं एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर समाज के विभिन्न वर्गों को कर प्रणाली से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।उद्घाटन अवसर पर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु प्रो. आई.वी. त्रिवेदी, वाणिज्य महाविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता प्रो. डी.एस. चुंडावत एवं प्रो. जी. सोरल, सह-अधिष्ठाता डॉ. शिल्पा वर्डिया, सह छात्र-कल्याण अधिष्ठाता डॉ. देवेंद्र श्रीमाली सहित अनेक वरिष्ठ शिक्षाविदों की गरिमामय उपस्थिति रही। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि कर साक्षरता के माध्यम से समाज में जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण संभव है।वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जब कर से संबंधित जानकारी सरल और स्पष्ट रूप में आमजन तक पहुंचती है, तो कर को लेकर व्याप्त भय और भ्रम स्वतः समाप्त हो जाते हैं। नागरिक जब यह समझते हैं कि उनका कर भुगतान सीधे तौर पर देश के विकास और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ा है, तब कर अनुपालन स्वाभाविक रूप से बढ़ता है और समाज में पारदर्शिता तथा विश्वास का वातावरण बनता है।समग्र रूप से यह कर साक्षरता अभियान विश्वविद्यालय की सामाजिक भूमिका को सुदृढ़ करने, कर अनुपालन की संस्कृति को मजबूत बनाने तथा नागरिकों को आर्थिक रूप से जागरूक करने की दिशा में एक सार्थक और दूरगामी पहल सिद्ध होगा।इस अवसर पर डॉ. आशा शर्मा, डॉ. पारुल दशोरा, डॉ. पुष्पराज मीणा सहित अनेक संकाय सदस्य एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अब खेल मैदान में ही इलाज की तैयारी: पारस हेल्थ ने कोच और पीटी टीचरों को खेल चोटों की पहचान व फर्स्ट रिस्पॉन्स की दी ट्रेनिंग बाघपुरा में सनसनीखेज हत्या का खुलासा, आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार