24 News update नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आवारा कुत्तों के मुद्दे पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन कुत्तों को पकड़ा गया है उन्हें नसबंदी और टीकाकरण के बाद ही छोड़ा जाएगा। हालांकि, जो कुत्ते रेबीज से संक्रमित हैं या आक्रामक व्यवहार करते हैं, उन्हें छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
11 अगस्त के आदेश पर रोक
कोर्ट ने 11 अगस्त के उस निर्देश पर रोक लगा दी है, जिसमें कहा गया था कि पकड़े गए आवारा कुत्तों को छोड़ा नहीं जाना चाहिए। इस निर्णय के बाद अब केवल नसबंदी और वैक्सीनेशन पूरा होने पर ही कुत्तों को वापस छोड़ा जा सकेगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए अलग से निर्धारित स्थान बनाए जाएंगे, ताकि अव्यवस्था और असुरक्षा की स्थिति न बने।
बेंच ने सुरक्षित रखा था फैसला
14 अगस्त को जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की स्पेशल बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था।
पहले दिया गया था सख्त आदेश
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने 11 अगस्त को आदेश दिया था कि डॉग बाइट्स और रेबीज के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी आवारा कुत्तों को आठ हफ्तों के भीतर दिल्ली-NCR के आवासीय क्षेत्रों से हटाकर शेल्टर होम्स में भेजा जाए।
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, नसबंदी और टीकाकरण के बाद ही छोड़े जाएंगे, खाना खिलाने के लिए अलग जगह बनेगी

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