24 News Update नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को NEET PG 2025 परीक्षा को एक ही शिफ्ट में आयोजित करने का आदेश जारी किया है। यह फैसला छात्रों द्वारा दाखिल उस याचिका के आधार पर आया जिसमें दो शिफ्ट में परीक्षा आयोजित करने पर डिफिकल्टी लेवल और नॉर्मलाइजेशन के कारण असमान मूल्यांकन की शिकायत की गई थी। छात्रों का कहना था कि एक-एक नंबर के आधार पर पीजी स्ट्रीम तय होती है, ऐसे में दो शिफ्ट में परीक्षा होना अन्यायपूर्ण है। कोर्ट ने कहा कि यदि परीक्षा केंद्रों या समय में कोई व्यावहारिक दिक्कत हो तो परीक्षा एजेंसी समय विस्तार के लिए आवेदन कर सकती है।
परीक्षा 15 जून को निर्धारित, एडमिट कार्ड 2 जून से
NEET PG परीक्षा 15 जून 2025 को प्रस्तावित है और इसके एडमिट कार्ड 2 जून को जारी होंगे। कोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBEMS) से कहा कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और समानता के साथ होनी चाहिए। साथ ही यह भी पूछा कि जब NEET UG जैसी बड़ी परीक्षा एक शिफ्ट में हो सकती है, तो PG में ऐसा क्यों नहीं?
क्या कहा NBEMS ने
NBEMS ने दलील दी कि यह एक ऑनलाइन परीक्षा है और सीमित संख्या में केंद्र उपलब्ध हैं। बोर्ड के अनुसार, सभी तकनीकी और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दो शिफ्ट में परीक्षा कराना ही व्यावहारिक समाधान था। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि “दो अलग-अलग प्रश्नपत्रों का कठिनाई स्तर कभी एक जैसा नहीं हो सकता।” इसलिए एक ही शिफ्ट में परीक्षा अनिवार्य होगी। छात्रों ने पहले भी सुप्रीम कोर्ट में परीक्षा की पारदर्शिता और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को लेकर याचिका दाखिल की थी। उनकी मांग थी कि प्रश्न पत्र और उत्तर सार्वजनिक किए जाएं ताकि वे अपने परिणाम का सही आकलन कर सकें। नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया में अलग-अलग शिफ्ट के पेपर के औसत अंकों के आधार पर कुछ छात्रों के अंक घटते या बढ़ते हैं, जिससे फाइनल मेरिट प्रभावित होती है। छात्र इसे अनुचित मूल्यांकन मानते हैं।
NEET PG में हर साल दो लाख से अधिक उम्मीदवार, 52,000 सीटों पर होता है प्रवेश
देशभर में लगभग 52,000 पीजी सीटों के लिए हर साल दो लाख से अधिक MBBS स्नातक NEET PG में शामिल होते हैं। पिछले वर्ष यह परीक्षा पहली बार दो शिफ्ट में आयोजित की गई थी, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश: NEET PG परीक्षा एक ही शिफ्ट में हो, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश

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