24 News Update चित्तौड़गढ़। सरकार की योजनाएं जब आमजन तक सही रूप में पहुँचती हैं, तब उसका असर केवल कागज़ों में नहीं, ज़मीनी हकीकत में भी दिखाई देता है। कुछ ऐसा ही उदाहरण पेश किया है ग्राम नान्दोली के कृषक छोगा लाल पिता हजारीलाल जाट ने, जिन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा-2025 के तहत आयोजित शिविर से लाभ उठाकर अपने खेती के तरीके में एक बड़ा बदलाव लाया।मिट्टी का नमूना बना उम्मीद की नींव23 जून को कृषि विभाग द्वारा छोगा लाल के खेत से मिट्टी का नमूना लिया गया। आमतौर पर गांवों में मिट्टी की गुणवत्ता की जानकारी के बिना ही खाद-उर्वरकों का प्रयोग होता है, जो लंबे समय में जमीन की उर्वरता को नुकसान पहुंचाता है और किसानों की लागत भी बढ़ाता है। लेकिन इस बार प्रशासन ने पहल करते हुए मिट्टी जांच को किसानों के बीच पहुँचाने का संकल्प लिया।शिविर में मिला मृदा स्वास्थ्य कार्ड – खेती को मिला नया दिशाबड़ीसादड़ी पंचायत समिति की कचूमराग्राम पंचायत में बुधवार 9 जुलाई को आयोजित शिविर में छोगा लाल को कृषि विभाग द्वारा “मृदा स्वास्थ्य कार्ड” प्रदान किया गया। इस कार्ड में उनकी भूमि की पोषक संरचना, pH स्तर, जैविक कार्बन की मात्रा, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश इत्यादि की स्थिति दर्शाई गई थी। इसके साथ ही, उनकी ज़मीन के अनुसार संतुलित खाद और उर्वरकों के उपयोग की विस्तृत सिफारिशें भी दी गईं। शिविर प्रभारी बड़ी सादड़ी उपखण्ड अधिकारी प्रवीण मीणा के निर्देशन में कृषि अधिकारियों द्वारा छोगा लाल को समझाया गया कि यदि वे मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिशों का पालन करते हैं, तो उन्हें कम लागत में बेहतर उत्पादन मिल सकता है। उन्हें रासायनिक खादों की जगह जैविक खाद जैसे कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट और गोबर खाद के उपयोग की सलाह दी गई। जैविक खेती की ओर पहला कदमछोगा लाल ने इस सलाह को गंभीरता से लिया और अपनी खेती में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग घटाकर जैविक खाद का प्रयोग शुरू किया। इससे उनकी जमीन की उर्वरता में सुधार आया और फसलों की गुणवत्ता भी पहले से बेहतर होने लगी। परिवार में पहले जो स्वास्थ्य समस्याएं रसायनों के कारण उत्पन्न होती थीं, उनमें भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला। सरकार और प्रशासन के प्रति आभारछोगा लाल ने शिविर में अधिकारियों से संवाद करते हुए कहा, “पहले हम अंदाजे से खाद डालते थे, जिससे कई बार नुकसान होता था। अब मृदा स्वास्थ्य कार्ड ने हमें बताया कि हमारी जमीन को क्या चाहिए और कितना चाहिए। इससे मेरी खेती की लागत घटी है और फसल की सेहत सुधरी है। मैं राज्य सरकार और उपखण्ड प्रशासन का दिल से धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने समय पर सही मार्गदर्शन दिया। इस दौरान विकास अधिकारी लक्ष्मण लाल मीणा, तहसीलदार पंकज कुमार सहित राजस्व, कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के गुरुजन का सम्मान एवं अभिनंदन किया चित्तौड़गढ़ : अवैध उर्वरक भंडारण का कृषि विभाग की टीम ने किया निरीक्षण, 319 बैग ज़ब्त