24 News Update उदयपुर। उदयपुर स्थित जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के कंप्यूटर साइंस एवं आईटी विभाग द्वारा “स्टार्टअप इनिशिएटिव” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्टार्टअप की मूलभूत समझ, नवाचार और उसके व्यावहारिक उपयोग से अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत विभाग निदेशक प्रो. मंजू माण्डोत ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में स्टार्टअप्स देश की आर्थिक मजबूती का अहम आधार बन चुके हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और डिजिटल तकनीकों के बढ़ते उपयोग को स्टार्टअप्स के लिए नए अवसरों का द्वार बताया।
मुख्य अतिथि प्रो. एन.एन. जानी ने स्टार्टअप्स की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह न केवल रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं, बल्कि पारंपरिक व्यापार मॉडल को भी बदल रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को समस्या-समाधान आधारित सोच विकसित करने की सलाह दी।
मुख्य वक्ता प्रो. हिरेन जोशी (गुजरात यूनिवर्सिटी) ने कहा कि भारत तेजी से स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहा है और युवा सही दिशा में प्रयास करें तो वैश्विक पहचान बना सकते हैं। उन्होंने सफल स्टार्टअप्स के उदाहरण देकर विद्यार्थियों को जोखिम लेने और लगातार सीखते रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला में संवादात्मक सत्र भी आयोजित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने स्टार्टअप से जुड़े सवाल पूछे और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लिया। इस दौरान विभाग के डॉ. मनीष श्रीमाली, डॉ. भारत सिंह देवड़ा, डॉ. गौरव गर्ग, डॉ. प्रदीप सिंह शक्तावत, डॉ. भरत सुखवाल, मुकेश नाथ, दुर्गाशंकर, त्रिभुवन सिंह बमनिया और चिराग दवे सहित अन्य संकाय सदस्य मौजूद रहे।
स्टार्टअप की ओर बढ़ते कदम—विद्यापीठ में कार्यशाला, युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के लिए किया प्रेरित

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