24 News Update उदयपुर। सिंधी बाज़ार स्थित राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय में शहीद दिवस गरिमामय और आत्ममंथन के वातावरण में मनाया गया। यह आयोजन महज़ औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस ऐतिहासिक चेतना को स्मरण करने का प्रयास था, जिसने देश को त्याग, सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया।
कार्यक्रम का आरंभ दो मिनट के मौन से हुआ। यह मौन केवल शहीदों को श्रद्धांजलि नहीं था, बल्कि वर्तमान पीढ़ी की ओर से उनके बलिदान के प्रति एक नैतिक स्वीकारोक्ति भी था। इसके पश्चात ‘रघुपति राघव राजा राम’ की धुन के बीच राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें स्मरण किया गया—एक ऐसे विचार के प्रतीक के रूप में, जिसने हिंसा के युग में भी मानवता की आवाज़ को जीवित रखा।
औषधालय प्रभारी एवं वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. शोभालाल औदीच्य ने अपने संबोधन में कहा कि शहीद दिवस हमें केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं देता, बल्कि वर्तमान को परखने और भविष्य को दिशा देने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लिए जीवन अर्पित करने वाले वीरों का स्मरण तभी सार्थक है, जब हम उनके आदर्शों—कर्तव्यनिष्ठा, सेवा और नैतिक साहस—को अपने आचरण में उतारें।
कार्यक्रम में चिकित्सकीय स्टाफ, कर्मचारियों, नागरिकों और उपचारार्थ आए रोगियों की उपस्थिति ने आयोजन को सामूहिक चेतना का रूप दिया। डॉ. लेखा खत्री, डॉ. चेतन सुथार, वरिष्ठ नर्स इंदिरा डामोर, वरिष्ठ कम्पाउंडर कंचन कुमार डामोर एवं परिचारक गजेन्द्र आमेटा सहित उपस्थित सभी ने श्रद्धा और अनुशासन के साथ सहभागिता निभाई।

