24 News Update उदयपुर। शहर के बाजारों और व्यावसायिक संस्थानों में कचरा निस्तारण की परेशानी अब खत्म होने वाली है। छह महीने से ठप पड़ा व्यावसायिक डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण 10 अगस्त से दोबारा शुरू किया जा रहा है। नगर निगम ने करीब 2 हजार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कचरा उठाने की जिम्मेदारी सेनटेन लाइफ एजेंसी को सौंपी है। दो साल के लिए दिए गए इस ठेके से निगम को कचरा संग्रहण के जरिए होने वाली आय में बड़ा इजाफा होने जा रहा है। नई व्यवस्था में निगम को पहले मिलने वाले करीब 7 लाख रुपए प्रतिमाह के मुकाबले 15 से 20 लाख रुपए तक मासिक आय होने का अनुमान है। इसकी वजह नई ठेका व्यवस्था में एजेंसी की ओर से निगम को यूजर चार्ज का आधा हिस्सा दिया जाना है। हालांकि व्यापारियों और अन्य प्रतिष्ठानों पर कोई नया आर्थिक बोझ नहीं डाला गया है। उनसे वही शुल्क लिया जाएगा जो निगम ने पहले से अलग-अलग श्रेणियों के लिए निर्धारित कर रखा है। नई एजेंसी सिर्फ दुकानों और व्यावसायिक संस्थानों से कचरा उठाने तक सीमित नहीं रहेगी। उसे कचरे के प्रसंस्करण से जुड़ी व्यवस्थाएं भी संभालनी होंगी। बलीचा के 60 टन प्रतिदिन और तीतरड़ी के 30 टन प्रतिदिन क्षमता वाले मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी प्लांट के साथ तीतरड़ी स्थित 50 टन प्रतिदिन क्षमता वाले कम्पोस्ट प्लांट के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी एजेंसी की होगी। कचरा उठाने वाले वाहनों की निगरानी तकनीक के जरिए की जाएगी। वाहनों में जीपीएस, आरएफआईडी टैग और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे यह देखा जा सकेगा कि वाहन किस क्षेत्र में पहुंचा, निर्धारित प्रतिष्ठानों से कचरा उठाया या नहीं और पूरी प्रक्रिया तय व्यवस्था के मुताबिक चल रही है या नहीं। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से यूजर चार्ज की वसूली भी एजेंसी ही करेगी। छह महीने तक दुकानदारों को खुद ढोना पड़ा कचरा व्यावसायिक कचरा संग्रहण की पिछली व्यवस्था ठेका कंपनी के काम बंद करने के बाद समाप्त हो गई थी। इसके बाद निगम ने अस्थायी तौर पर व्यवस्था संभाली, लेकिन इसका तरीका व्यापारियों के लिए परेशानी का कारण बन गया। निगम की ओर से अलग-अलग इलाकों में कचरा वाहन निर्धारित स्थान पर खड़ा कर दिया जाता था। दुकानदारों और अन्य प्रतिष्ठानों को अपने प्रतिष्ठान से कचरा उठाकर उस वाहन तक पहुंचाना पड़ता था। यानी जिस डोर-टू-डोर सुविधा के लिए यूजर चार्ज लिया जाता था, उसकी जगह व्यापारियों को खुद कचरा लेकर तय स्थान तक जाना पड़ रहा था। अब नई एजेंसी के आने के बाद कचरा सीधे प्रतिष्ठानों से उठाया जाएगा। कारोबार के हिसाब से तय है मासिक शुल्क निगम ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आकार, प्रकृति और कचरा उत्पादन के आधार पर यूजर चार्ज की अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं। सबसे कम शुल्क 250 रुपए प्रतिमाह है, जबकि बड़े कचरा उत्पादकों के लिए यह राशि 10 हजार रुपए प्रतिमाह तक जाती है। दुकानों के लिए 250 रुपए, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट के लिए 750 रुपए तथा होटल के लिए 1 हजार रुपए मासिक शुल्क तय है। 3 स्टार होटल से 1,500 रुपए और 3 स्टार से ऊपर के होटल से 3 हजार रुपए लिए जाएंगे। ऑफिस और बैंक के लिए 700 रुपए, निजी शैक्षणिक संस्थान के लिए 1 हजार रुपए और निजी कोचिंग संस्थान के लिए 5 हजार रुपए मासिक शुल्क निर्धारित है। क्लीनिक के लिए 1 हजार रुपए, 50 बेड तक के क्लीनिक, डिस्पेंसरी और लेबोरेट्री के लिए 2 हजार रुपए तथा 50 बेड से अधिक क्षमता वाले संस्थानों के लिए 4 हजार रुपए शुल्क रहेगा। इंडस्ट्री और वर्कशॉप से 750 रुपए, गोदाम और कोल्ड स्टोरेज से 1,500 रुपए तथा 3 हजार वर्गमीटर तक के मैरिज हॉल, बैंक्विट और एक्जीबिशन हॉल से 2 हजार रुपए प्रतिमाह लिए जाएंगे। 3 हजार वर्गमीटर से बड़े ऐसे परिसरों के लिए शुल्क 5 हजार रुपए है। 100 किलो या उससे अधिक कचरा रोजाना पैदा करने वाले प्रतिष्ठानों के लिए शुल्क 10 हजार रुपए प्रतिमाह रखा गया है। थिएटर, बड़े शॉपिंग कॉम्पलेक्स और अन्य बड़े व्यावसायिक संस्थानों के लिए भी कचरा उत्पादन और क्षेत्रफल के अनुसार 5 हजार से 10 हजार रुपए तक शुल्क निर्धारित किया गया है। अब छह महीने की रुकावट के बाद शहर के व्यावसायिक कचरे की व्यवस्था फिर निजी एजेंसी के हवाले होगी। निगम की निगरानी, वाहनों में लगी तकनीक और कचरा प्रसंस्करण संयंत्रों के संचालन के साथ नई व्यवस्था का असली इम्तिहान 10 अगस्त से शुरू होगा। सफलता सिर्फ कचरा समय पर उठने से नहीं, बल्कि यह देखने से भी तय होगी कि शहर के 2 हजार प्रतिष्ठानों से निकलने वाला कचरा वास्तव में संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण तक कितनी व्यवस्थित तरीके से पहुंचता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation BRICS सम्मेलन की मेजबानी को तैयार उदयपुर: विदेशी प्रतिनिधियों के स्वागत से पर्यटन भ्रमण तक विशेष इंतजाम