24 News Update उदयपुर। उदयपुर से डूंगरपुर होते हुए असारवा के बीच सोमवार को पहली वंदे भारत ट्रेन ने औपचारिक सफर शुरू किया। 110 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जब ट्रेन डूंगरपुर स्टेशन पर पहुंची तो माहौल उत्सव में बदल गया—‘वंदे मातरम्’ के जयकारे गूंजे, लोको पायलट का फूल-मालाओं से स्वागत हुआ और छह मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन असारवा के लिए रवाना हो गई।
ट्रेन का निर्धारित आगमन समय दोपहर 1:40 बजे था, लेकिन उदयपुर और जावर माइंस स्टेशन पर स्वागत कार्यक्रमों के चलते यह 28 मिनट देरी से 2:08 बजे डूंगरपुर पहुंची। उत्सुकता का आलम यह रहा कि दोपहर एक बजे से पहले ही स्टेशन पर भारी भीड़ जमा हो गई।
उद्घाटन कार्यक्रम में बांसवाड़ा–डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत ने इसे लंबे समय से उठाई गई मांग की पूर्ति बताया। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पटेल ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को श्रेय देते हुए कहा कि मेवाड़–वागड़ को गुजरात से जोड़ने वाली यह सेवा क्षेत्र के कामगारों और मजदूरों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। कार्यक्रम में भाजपा महामंत्री पंकज जैन, बंशीलाल कटारा और बीएपी के कांतिलाल रोत भी मौजूद रहे।
स्टेशन पर पहुंचते ही भारत माता के जयघोष लगे। लोको पायलट सुशील व्यास ने बताया कि इस ट्रैक पर पहली बार वंदे भारत को 110 की स्पीड से चलाया गया है और आगे चलकर गति बढ़ाई जा सकती है। यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। इसके बाद अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को असारवा के लिए रवाना किया।
उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत भी इसी ट्रेन से डूंगरपुर पहुंचे। उन्होंने इसे मेवाड़ और वागड़ के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि लंबे समय से रेल मंत्री से यह मांग रखी जा रही थी, जो अब पूरी हुई है। इससे दोनों अंचलों का गुजरात से कम समय में सीधा संपर्क स्थापित होगा।
उन्होंने आगे बताया कि डूंगरपुर, बांसवाड़ा और रतलाम को रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम प्रगति पर है। फिलहाल ट्रेन अहमदाबाद के असारवा स्टेशन तक चल रही है, लेकिन असारवा से कालूपुर मुख्य स्टेशन के बीच कार्य पूरा होते ही उदयपुर–डूंगरपुर–अहमदाबाद होते हुए मुंबई तक सीधी सेवा शुरू हो सकेगी। इस कॉरिडोर पर भविष्य में 6 से 7 नई ट्रेनों के संचालन की भी संभावना जताई गई है।

