24 News Update उदयपुर, 4 अगस्त। पन्नाधाय राजकीय महिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने एक अत्यंत जटिल शल्य चिकित्सा को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 30 वर्षीय महिला के गर्भाशय को सुरक्षित रखा और उसमें मौजूद 25 बड़ी गांठों (फाइब्रॉइड) को निकालने में सफलता हासिल की। चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन के बाद महिला पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से घर लौट चुकी है। इस उपलब्धि को चिकित्सा संस्थान की विशेषज्ञता, आधुनिक उपचार पद्धति और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।रविंद्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. राहुल जैन ने बताया कि राजसमंद जिले के नंदाना-बड़पदा निवासी 30 वर्षीय सीमा कुवर को 15 जुलाई 2026 को पेट में असहनीय दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव की शिकायत के बाद पन्नाधाय राजकीय महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकीय परीक्षण और सोनोग्राफी में सामने आया कि गर्भाशय में कई बड़ी गांठें विकसित हो चुकी थीं, जिनके कारण उसका आकार लगभग आठ माह के गर्भ के बराबर हो गया था।उन्होंने बताया कि इतनी अधिक संख्या में गांठों को निकालते हुए गर्भाशय को सुरक्षित रखना चिकित्सकों के लिए बड़ी चुनौती थी। इसके बावजूद विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता सेन के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने सूझबूझ और अनुभव का परिचय देते हुए जटिल ऑपरेशन को सफल बनाया।डॉ. संगीता सेन ने बताया कि ऐसे मामलों में कई बार मरीज की जान बचाने के लिए गर्भाशय निकालना ही एकमात्र विकल्प रह जाता है। लेकिन मरीज की आयु मात्र 30 वर्ष होने और भविष्य में मातृत्व की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए ऑपरेशन के दौरान गर्भाशय को सुरक्षित रखने का निर्णय लिया गया। विशेषज्ञों ने अत्यंत सावधानी और तकनीकी दक्षता के साथ गर्भाशय को संरक्षित रखते हुए उसमें मौजूद सभी 25 गांठों को सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया।इस जटिल शल्य चिकित्सा में डॉ. शमिता, डॉ. हिना, डॉ. भारत, एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. देवेंद्र वर्मा एवं डॉ. बसंत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं नर्सिंग अधिकारियों जीनत और मनीषा सहित अन्य सहयोगी कार्मिकों ने भी पूरे ऑपरेशन के दौरान समन्वित रूप से अपनी जिम्मेदारी निभाई।सफल ऑपरेशन के बाद मरीज का स्वास्थ्य लगातार बेहतर रहा और चिकित्सकीय निगरानी के उपरांत उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉ. संगीता सेन ने कहा कि पन्नाधाय राजकीय महिला चिकित्सालय एवं रविंद्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय में अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम आधुनिक तकनीक और बहु-विषयक समन्वय के साथ स्त्री एवं प्रसूति रोगों की जटिलतम सर्जरी करने में सक्षम है। यह सफलता मरीज को नया जीवन और भविष्य में मातृत्व की उम्मीद देने के साथ-साथ संस्थान की उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता का भी प्रमाण है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत स्वर्णप्राशन शिविर आयोजित गुरुकुल विद्यालय में गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन समारोह, मेधावी विद्यार्थियों व शिक्षकों का हुआ सम्मान