24 News Update उदयपुर। जिला खेल अधिकारी डॉ. महेश पालीवाल ने बताया कि राजस्थान सरकार की पंच गौरव प्रतिभा खोज योजना के अंतर्गत आयोजित 15 दिवसीय तैराकी प्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, तकनीकी दक्षता एवं करियर मार्गदर्शन पर विशेष फोकस किया जा रहा है। शिविर के दौरान प्रतिदिन आयोजित सत्रों में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के साथ-साथ खेलों में भविष्य निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी जा रही है।आज आयोजित विशेष सत्र में अतिथि के रूप में विंग कमांडर बी.बी. मेहर एवं राजस्थान तैराकी संघ के सचिव विनोद सनाढ्य उपस्थित रहे। विंग कमांडर बी.बी. मेहर ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए जीवन में अनुशासन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक मजबूती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह मानसिक दृढ़ता, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों के विकास का सशक्त माध्यम है। सेना में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि खेलों के माध्यम से खिलाड़ियों को पदोन्नति, सम्मान एवं विशेष अवसर प्राप्त होते हैं। साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, पुरस्कार राशि एवं छात्रवृत्तियों की जानकारी देते हुए खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।राजस्थान राज्य तैराकी संघ के सचिव विनोद सनाढ्य ने खिलाड़ियों को तैराकी संघ द्वारा आयोजित राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं, पुरस्कार राशि, प्रशिक्षण सुविधाओं एवं चयन प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रतियोगी तैराकी के महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं—स्टार्ट, टर्न एवं फिनिश—के बारे में विस्तार से समझाते हुए बताया कि इन तकनीकों में दक्षता ही खिलाड़ी को प्रतिस्पर्धा में बढ़त दिलाती है। उन्होंने यह भी कहा कि नियमित अभ्यास, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच के साथ खिलाड़ी न केवल खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं, बल्कि जीवन में भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इसके पश्चात प्रशिक्षकों रणवीर सिंह राणावत, धर्मवीर सिंह राणावत, संदीप सोनी, अनिल कुमावत, सुनील नकवाल, सुनील कुमावत, नेहा कुमावत, लालशंकर मीणा, लालूराम अहारी, लक्ष्मण बरंडा, भारत भूषण जोशी, सुर्या मीणा, अनिता मीणा एवं संजय खैर के निर्देशन में खिलाड़ियों को तैराकी की उन्नत तकनीकों का अभ्यास कराया गया। विशेष रूप से ब्रेस्ट स्ट्रोक की एडवांस ड्रिल्स, स्प्रिंट तकनीक, टाइमिंग सुधार एवं स्टैमिना बढ़ाने पर फोकस किया गया। प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों की व्यक्तिगत कमियों को चिन्हित कर उन्हें सुधारने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।डॉ. महेश पालीवाल ने बताया कि शिविर में भाग ले रहे खिलाड़ियों में अनुशासन, समर्पण एवं सीखने की उत्सुकता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर खिलाड़ियों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें मानसिक रूप से भी तैयार करते हैं, जिससे वे राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि पंच गौरव प्रतिभा खोज योजना के अंतर्गत आयोजित ऐसे शिविर युवा प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें खेलों के क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहे हैं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अमृता काल : होटल संचालक की कार में तोड़फोड़ करने वाला गिरफ्तार, लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कब रेडिएंट का स्कॉलरशिप एग्जाम RSAT रविवार को, विद्यार्थियों को मिलेगी 90% तक छात्रवृत्ति