24 News Update उदयपुर। पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इनर व्हील क्लब ऑफ उदयपुर दीवास द्वारा शुक्रवार को मॉडल पब्लिक रेजिडेंशियल स्कूल, ढीकली में सोलर कुकर भेंट किया गया। इस अवसर पर छात्राओं को न सिर्फ सौर ऊर्जा की उपयोगिता समझाई गई, बल्कि व्यवहारिक जीवन में इसके समावेश के लिए प्रेरित भी किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता एवं “सोलर वूमन” के नाम से प्रसिद्ध डॉ. मंजू जैन ने सोलर कुकर की कार्यप्रणाली का विस्तृत प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि वे पिछले 42 वर्षों से सोलर कुकर का नियमित उपयोग कर रही हैं और यह न केवल ऊर्जा की बचत करता है, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से सूजी, मूंगफली, गेहूं का रवा सेंकने के साथ ही आलू, शकरकंद, दालें, हरी सब्जियां उबाली जा सकती हैं। यहां तक कि लड्डू, खीर, लपसी जैसी मिठाइयाँ भी आसानी से तैयार होती हैं। क्लब की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती नयना जैन ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, “हमें इस पर्यावरण मित्र तकनीक को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। सोलर कुकर न केवल ऊर्जा की बचत करता है, बल्कि यह स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली को भी बढ़ावा देता है।” इस अवसर पर क्लब की सक्रिय सदस्य श्रीमती आशा श्रीमाली एवं श्रीमती बेला व्यास भी मौजूद रहीं और उनके सहयोग से कार्यक्रम और अधिक प्रभावशाली बना।जल संरक्षण के नारों से गूंजा परिसरकार्यक्रम में “वॉटर हीरो” के नाम से विख्यात डॉ. पी.सी. जैन ने जल संरक्षण पर प्रेरक संदेश दिए और बच्चों से उत्साहपूर्वक नारे लगवाए। उन्होंने जल संकट के समाधान में बच्चों की जागरूक भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर भारत विकास परिषद सुभाष शाखा के डॉ. नागेन्द्र प्रसाद शर्मा, सचिव श्री शोभा लाल दशोरा, तथा पैसिफिक इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS), उमरड़ा का स्टाफ विशेष रूप से उपस्थित रहा। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के श्री जिग्नेश उपाध्याय द्वारा किया गया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation ईगो प्रॉब्लम है तो मुमकिन है : पहले वेतन रोका, फिर हड़ताल करवाई, हड़ताल की तो वेतन काट दिया!! परमानेंट वाले हड़ताल करे तो फुल सैलरी, एसएफएबी करे तो लगभग 15 लाख का सैलरी कट!! जावर क्षेत्र में चला पर्यावरण संरक्षण का अभियान, वैशाली खेतान के नेतृत्व में 300 पौधे लगाने का संकल्प, एक हजार पौधों का लक्ष्य निर्धारित