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आरएनटी मेडिकल कॉलेज में खुल गए ‘खोपड़ी के भाग’, ट्यूमर का अत्याधुनिक तकनीक से उपचार

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24 News Update उदयपुर। शहर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज ने न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए जटिल स्कल मेनिंजियोमा (खोपड़ी के ट्यूमर) का सफल उपचार किया है। इंटरवेंशनल न्यूरोसर्जरी टीम ने वल्लभनगर निवासी 48 वर्षीय मरीज का अत्याधुनिक तकनीक के जरिए सफल ऑपरेशन किया। बताया गया कि यह ट्यूमर अत्यधिक रक्तवाहिकाओं से युक्त था, जिससे ऑपरेशन के दौरान भारी रक्तस्राव का खतरा बना रहता है। ऐसे मामलों में मरीज की जान को गंभीर जोखिम हो सकता है और कई बार ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में रक्त की आवश्यकता पड़ती है।
जोखिम को कम करने के लिए ऑपरेशन से पहले “प्रीऑपरेटिव ट्यूमर एम्बोलाइजेशन” तकनीक अपनाई गई। इस प्रक्रिया में विशेष एम्बोलिक एजेंट्स की मदद से ट्यूमर तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों को बंद किया जाता है। इससे ऑपरेशन के दौरान रक्तस्राव में उल्लेखनीय कमी आती है और ट्यूमर को सुरक्षित तरीके से निकालना संभव हो पाता है।
प्राचार्य डॉ. राहुल जैन ने बताया कि संस्थान में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के चलते अब यह अत्याधुनिक उपचार सरकारी योजना के तहत निःशुल्क उपलब्ध है। पहले ऐसे इलाज के लिए मरीजों को बड़े शहरों में जाना पड़ता था और भारी खर्च उठाना पड़ता था।
न्यूरोसर्जरी विभाग के सह-आचार्य डॉ. के.जी. लोधा ने बताया कि ट्यूमर एम्बोलाइजेशन अत्यधिक रक्तवाहिकाओं वाले ट्यूमर के उपचार की नवीनतम और प्रभावी तकनीक है, जिससे ऑपरेशन अधिक सुरक्षित और आसान हो जाता है। उन्होंने बताया कि यह तकनीक पोस्टपार्टम हेमरेज और गंभीर नकसीर जैसी स्थितियों में भी जीवन रक्षक साबित हो सकती है।
इस सफल उपचार में मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विपिन माथुर का विशेष मार्गदर्शन रहा। टीम में डॉ. गौरव जायसवाल (विभागाध्यक्ष, न्यूरोसर्जरी), डॉ. तरुण रालोत (विभागाध्यक्ष, न्यूरोलॉजी), डॉ. उदिता नैथानी (विभागाध्यक्ष, एनेस्थीसिया), डॉ. खेमराज मीणा (वरिष्ठ आचार्य, एनेस्थीसिया), डॉ. पंकज सोमानी सहित कैथलैब स्टाफ लोहित दीक्षित, कृष्णा, प्रियंका तथा रेजिडेंट डॉक्टरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस उपलब्धि को आरएनटी मेडिकल कॉलेज में उन्नत न्यूरोसर्जिकल सेवाओं की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र के मरीजों को अब अत्याधुनिक उपचार स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगा।

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