24 News Update टेक्सास/नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और देश के दूसरे अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अब 14 जुलाई को अंतरिक्ष से धरती पर लौटेंगे। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने गुरुवार को यह घोषणा की। वे एक्सियम-4 मिशन का हिस्सा हैं, जिसके तहत उन्हें तीन अन्य एस्ट्रोनॉट्स के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) भेजा गया था। यह मिशन 10 जुलाई को समाप्त होना था, लेकिन अब इसे 4 दिन बढ़ाकर 14 जुलाई को वापसी निर्धारित की गई है।
अंतरिक्ष में भारत की नई पहचान
शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा ऐतिहासिक है, क्योंकि वे 41 साल बाद अंतरिक्ष में पहुंचे दूसरे भारतीय नागरिक हैं। इससे पहले 1984 में राकेश शर्मा सोवियत मिशन के तहत अंतरिक्ष गए थे। शुभांशु की यह यात्रा न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बल्कि भारत की वैश्विक अंतरिक्ष भागीदारी के लिहाज से भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पृथ्वी का अद्भुत नजारा: कपोला मॉड्यूल से झांका भारत
6 जुलाई को जारी तस्वीरों में शुभांशु कपोला मॉड्यूल की खिड़कियों से पृथ्वी को निहारते नजर आए। यह मॉड्यूल एक गुंबदनुमा ऑब्जर्वेशन स्टेशन है, जहां से एस्ट्रोनॉट्स पृथ्वी और अंतरिक्ष का 360 डिग्री दृश्य देख सकते हैं। तस्वीरों में उनके चेहरे पर मुस्कान और आत्मविश्वास साफ नजर आया। उन्होंने वहां से कैमरे की मदद से धरती के कुछ दुर्लभ चित्र भी कैद किए।
“अंतरिक्ष से सीमाएं नहीं दिखतीं”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 जून को शुभांशु से वीडियो कॉल पर बातचीत की थी। जब प्रधानमंत्री ने पूछा कि अंतरिक्ष से पहली बार क्या महसूस हुआ, तो शुभांशु ने कहा— “अंतरिक्ष से कोई सीमा नहीं दिखती। पूरी पृथ्वी एकजुट नजर आती है। भारत बहुत भव्य दिखता है।” उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में वे और उनके साथी दिन में 16 बार सूर्योदय और 16 बार सूर्यास्त देखते हैं। प्रधानमंत्री ने जब पूछा कि क्या वे गाजर का हलवा लेकर गए थे, तो शुभांशु ने हँसते हुए बताया कि उन्होंने अपने विदेशी साथियों के साथ बैठकर हलवा खाया।
ISS में भारत के लिए कर रहे हैं वैज्ञानिक प्रयोग
शुभांशु इस मिशन में भारत के 7 एजुकेशनल और बायोलॉजिकल प्रयोग कर रहे हैं। इसके अलावा वे NASA के साथ मिलकर 5 वैज्ञानिक प्रयोग भी कर रहे हैं, जिनमें मानव शरीर पर अंतरिक्ष यात्रा के प्रभावों का अध्ययन शामिल है। ये सभी प्रयोग भारत के गगनयान मिशन की तैयारी में सहायक होंगे।
मिशन के पीछे बड़ी साझेदारी और निवेश
एक्सियम-4 एक प्राइवेट स्पेस फ्लाइट मिशन है, जिसे NASA, SpaceX और Axiom Space की साझेदारी में अंजाम दिया गया। भारत सरकार ने शुभांशु की इस अंतरिक्ष सीट के लिए 548 करोड़ रुपए का निवेश किया है। मिशन की लॉन्चिंग 25 जून को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से हुई थी और 28 घंटे की यात्रा के बाद 26 जून को ISS पर डॉकिंग की गई थी।
भारत का गगनयान मिशन अब और होगा मजबूत
शुभांशु शुक्ला के अनुभव और प्रयोगों का सीधा लाभ भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन को मिलेगा, जिसकी लॉन्चिंग 2027 में प्रस्तावित है। यह मिशन भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन होगा। इसमें भारतीय वैज्ञानिकों और गगनयात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजा जाएगा और सुरक्षित वापसी कराई जाएगी।
शुभांशु शुक्ला 14 जुलाई को लौटेंगे धरती पर, NASA ने दी जानकारी, एक्सियम-4 मिशन की वापसी 4 दिन टली; 41 साल बाद अंतरिक्ष में पहुंचा भारतीय

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