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श्री बिलोचिस्तान पंचायत की की शोक निवारण होली, हजारों समाजजन हुए शामिल, गूंजे भजन-कीर्तन, बिखरे संवेदना और सौहार्द के रंग

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24 News Update उदयपुर। शक्ति नगर स्थित श्री बिलोचिस्तान भवन के बाहर मंगलवार को श्री बिलोचिस्तान पंचायत व श्री सनातन धर्म सेवा समिति के द्वारा पारंपरिक सामूहिक शोक निवारण होली का भव्य एवं भावनात्मक आयोजन गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। दशकों पुरानी परंपरा के तहत आयोजित इस विशेष होली में हजारों की संख्या में समाजजन उपस्थित रहे और शोक संतप्त परिवारों के साथ संवेदना के रंग साझा किए।
कार्यक्रम में महामहिम गुलाबचंद कटारिया (राज्यपाल, पंजाब) की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, कांग्रेस जिला अध्यक्ष फतेह सिंह राठौड, समाज सेवी एवं पूर्व राज्य मंत्री हरीश राजानी, झूलेलाल सेवा समिति के अध्यक्ष प्रताप राय चूघ, सुखराम बालचंदानी उमेश मनवानी, किशन वाधवानी , मुरली राजानी, अशोक गेरा,मुकेश खिलवानी, सुनील शिकारपुरी सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
पंचायत अध्यक्ष नानकराम कस्तूरी ने बताया कि लगभग 31 वर्ष पूर्व उदयपुर की समस्त सिंधी पंचायतों के सामूहिक निर्णय के बाद इस आयोजन को एक ही स्थान पर प्रारंभ किया गया था, जो आज भी निरंतर जारी है। पहले समाजजन घर-घर जाकर शोक निवारण की रस्म निभाते थे, किंतु समय और परिस्थितियों को देखते हुए इसे सामूहिक रूप दिया गया।
कार्यक्रम में वर्षभर में जिन परिवारों में किसी सदस्य का निधन हुआ था, वे एक पंक्ति में विराजमान हुए। शुभ मुहूर्त में पंडितों एवं समाज के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने क्रमबद्ध रूप से हर्बल गुलाल का तिलक लगाकर शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना दी और उनके जीवन में पुनः उत्साह एवं रंग भरने का संदेश दिया। भजन-कीर्तन की मधुर स्वर लहरियों से वातावरण आध्यात्मिक और भावुक बन गया, जिससे उपस्थित जनसमूह भी भावविभोर हो उठा।
महासचिव विजय आहुजा एवं उपाध्यक्ष जितेंद्र तलरेजा ने बताया कि तिलक कार्यक्रम के उपरांत समाजजनों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसे सभी ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया। सनातन धर्म सेवा समिति के नरेंद्र क्थूरिया ने बताया कि ने कहा कि शोक निवारण होली केवल एक रस्म नहीं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता और एकता का प्रतीक है। यह परंपरा संदेश देती है कि दुख की घड़ी में समाज साथ खड़ा है और समय आने पर पुनः जीवन में खुशियों के रंग भरने के लिए प्रेरित करता है। पंचायत व श्री सनातन धर्म सेवा समिति के पदाधिकारी ने सभी समाजजनों, सहयोगी संस्थाओं एवं उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि भविष्य में भी यह परंपरा इसी प्रकार सामाजिक एकता, समरसता और भाईचारे का संदेश देती रहेगी।

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