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24 News Update राजसमंद। जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र में सामने आया एक सनसनीखेज मामला रिश्तों को शर्मसार कर गया, जहां 50 लाख रुपए की बीमा राशि हड़पने के लालच में सगे भाइयों ने अपने ही भाई की हत्या कर दी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले वारदात को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी और फॉरेंसिक जांच ने पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस के अनुसार, 7 मार्च को रीको एरिया के पास कुंडेली रोड पर बड़ावास बग्गड़ निवासी देवीसिंह रावत का शव मिला था। प्रारंभिक तौर पर इसे हादसा माना गया, लेकिन परिस्थितियां संदिग्ध होने पर जांच को गहराई से आगे बढ़ाया गया।
जांच में सामने आया कि मृतक के सगे भाई दुधसिंह उर्फ दिनेशसिंह और भगवानसिंह ने अपने साथियों सुरेंद्रसिंह और टीकमसिंह के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। मृतक द्वारा हाल ही में करवाई गई लगभग 50 लाख रुपए की दुर्घटना बीमा पॉलिसियों को हासिल करने के उद्देश्य से यह योजना बनाई गई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सभी गुजरात में मजदूरी करते थे। होली के अवसर पर जमीन रजिस्ट्री का बहाना बनाकर देवीसिंह को गांव बुलाया गया। 6 मार्च को उसे बाइक पर ले जाकर पहले शराब पिलाई गई और उसका मोबाइल फ्लाइट मोड पर डाल दिया गया। इसके बाद कामलीघाट क्षेत्र में सुनसान स्थान पर पत्थरों से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी गई।
वारदात के बाद आरोपियों ने शव को चलती बाइक से कुंडेली रोड पर फेंक दिया और बाइक को पास में गिराकर घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। अगले दिन मृतक के भाई ने ही थाने में अज्ञात वाहन से दुर्घटना की झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाई।
हालांकि, पुलिस ने घटनास्थल का पुनः निरीक्षण कर एफएसएल टीम की मदद से जांच की। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों पर संदेह गहराया। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने हत्या की साजिश कबूल कर ली।
घटना के बाद ग्रामीणों ने भी शुरू से ही इसे हादसा मानने से इनकार किया था और बीमा राशि के लालच में हत्या की आशंका जताई थी। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की जांच जारी है। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि लालच किस हद तक इंसान को अपने ही रिश्तों के खिलाफ खड़ा कर सकता है।

