24 News Update डूंगरपुर। सरोदा थाना क्षेत्र के घोड़ाफला गांव में एक दर्दनाक हादसे ने स्कूल परिवहन व्यवस्था की पोल खोल दी। निजी स्कूल बस ड्राइवर की लापरवाही ने 15 वर्षीय छात्र की जान ले ली। हादसे के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर जमकर प्रदर्शन किया।
पुलिस के अनुसार, लिम्बोड़ बड़ी निवासी जतिन रेबारी कक्षा 7 का छात्र था और घोड़ाफला स्थित आदेश विद्यानिकेतन उच्च माध्यमिक स्कूल में पढ़ता था। मंगलवार को छुट्टी के बाद वह अन्य बच्चों के साथ स्कूल बस से घर लौट रहा था।
ओवरलोड बस, अचानक ब्रेक और मौत का गिरना
बताया जा रहा है कि बस बच्चों से खचाखच भरी हुई थी। इसी दौरान ड्राइवर ने अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। बस के गेट के पास खड़ा जतिन संतुलन खो बैठा और सीधे सड़क पर गिर गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, वह बस के पिछले टायर की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।
मानवता हुई शर्मसार: पहले बच्चों को छोड़ा, फिर अस्पताल पहुंचाया
हादसे के बाद जो हुआ, उसने सभी को झकझोर दिया। गंभीर रूप से घायल छात्र को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय ड्राइवर ने उसे बस में ही बैठाए रखा और बाकी बच्चों को उनके घर छोड़ने निकल पड़ा। कीमती वक्त यूं ही निकल गया।
सभी बच्चों को उतारने के बाद ड्राइवर घायल जतिन को सागवाड़ा अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते उसे अस्पताल पहुंचाया जाता, तो उसकी जान बच सकती थी।
मॉर्च्युरी के बाहर फूटा गुस्सा
जतिन की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और समाज के लोग अस्पताल पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने मॉर्च्युरी के बाहर प्रदर्शन करते हुए स्कूल प्रबंधन और बस ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
जांच में जुटी पुलिस, सवालों के घेरे में स्कूल सिस्टम
सरोदा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं यह हादसा एक बार फिर स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों, ओवरलोडिंग और ड्राइवरों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

