24 News Update उदयपुर। मार्शल आर्ट्स की दुनिया में उदयपुर से उठी एक सशक्त आवाज अब पूरे राजस्थान में गूंजने जा रही है। लगभग तीन दशकों से युवाओं को अनुशासन, आत्मरक्षा और फिटनेस का पाठ पढ़ा रहे सैन्साई किशन सोनवाल को ऑल इंडिया सामुराई फेडरेशन ने राजस्थान सामुराई स्पोर्ट्स एसोसिएशन का फाउंडर एवं प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। यह नियुक्ति केवल एक पद नहीं, बल्कि राज्य में सामुराई खेल की दिशा और दशा तय करने वाली जिम्मेदारी है।उदयपुर स्थित वंदे मातरम मार्शल आर्ट संस्थान के संस्थापक और कमांडो मार्शल आर्ट एंड फिटनेस अकैडमी के निदेशक के रूप में किशन सोनवाल ने जो आधार तैयार किया, उसी का विस्तार अब राज्य स्तर पर देखने को मिलेगा। उनकी पहचान सिर्फ एक प्रशिक्षक की नहीं, बल्कि एक ऐसे मार्गदर्शक की है जिन्होंने मार्शल आर्ट्स को खेल से आगे बढ़ाकर जीवनशैली बनाया।ऑल इंडिया सामुराई फेडरेशन के फाउंडर प्रेसिडेंट मनोज यादव द्वारा उन्हें सर्टिफिकेट एवं मेंबरशिप प्रदान की गई। यह चयन उनके दीर्घ अनुभव, तकनीकी दक्षता और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की क्षमता को देखते हुए किया गया है।करीब 30 वर्षों के अपने सफर में किशन सोनवाल ने पारंपरिक और आधुनिक मार्शल आर्ट्स के साथ-साथ वेपन्स ट्रेनिंग में भी महारत हासिल की है। उनके प्रशिक्षण से निकले कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। खेल विशेषज्ञों के अनुसार उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे तकनीक के साथ मानसिक मजबूती और अनुशासन को बराबर महत्व देते हैं—जो किसी भी फाइटिंग स्पोर्ट की असली आत्मा है। नई जिम्मेदारी के तहत अब उनका फोकस राजस्थान में सामुराई खेल का व्यापक विस्तार, तकनीकी प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं की मजबूत श्रृंखला तैयार करना रहेगा। साथ ही वे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए एक व्यवस्थित ढांचा विकसित करेंगे। राजस्थान सामुराई स्पोर्ट्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया सामुराई फेडरेशन, वर्ल्ड समुराई फेडरेशन (जापान) सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों से जुड़ा हुआ है, जिससे राज्य के खिलाड़ियों को वैश्विक मंच पर अवसर मिलने की राह और आसान होगी। सैन्साई किशन सोनवाल का स्पष्ट मानना है कि सामुराई प्रशिक्षण केवल आत्मरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि यह युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्र सेवा की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उनका लक्ष्य ऐसे सशक्त युवा तैयार करना है, जो शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से मजबूत होकर देश का प्रतिनिधित्व करें। उदयपुर से शुरू हुआ यह सफर अब पूरे राजस्थान में सामुराई खेल के नए युग की शुरुआत का संकेत दे रहा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर में युवक की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर परिजन-ग्रामीणों का हंगामा लापता पति की तलाश में टंकी पर चढ़ी पत्नी, 6 घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा; SIT गठन के आश्वासन पर उतरी नीचे