जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे में सुरक्षित रेल संचालन को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को रेलवे मुख्यालय पर संरक्षा एवं कार्य समीक्षा की एक अहम और रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री अमिताभ ने की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रेल संरक्षा कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि हर रेलकर्मी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
चारों मंडलों से सीधा संवाद, हर विभाग की परखी गई परफॉर्मेंस
मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में सभी विभागाध्यक्ष, चारों मंडलों के मंडल रेल प्रबंधक (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से) तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में
- रेल संरक्षा,
- कार्य निष्पादन की प्रगति,
- निर्माण परियोजनाएं,
- पूंजीगत आय,
- ट्रैक की फेसिंग,
- समपार फाटकों को बंद करने की स्थिति,
- यात्री सुविधाओं का विस्तार
और - रेलवे की आय बढ़ाने के उपाय
जैसे बिंदुओं पर गहन और तथ्यात्मक समीक्षा की गई।
वित्त वर्ष में अब तक प्रदर्शन उत्कृष्ट, लेकिन ढील नहीं
महाप्रबंधक श्री अमिताभ ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में अब तक उत्तर पश्चिम रेलवे का समग्र कार्य निष्पादन सराहनीय रहा है, लेकिन लक्ष्य हासिल करने के लिए आपसी समन्वय और अनुशासन के साथ काम करने की जरूरत है। उन्होंने निर्माण कार्यों और यात्री सुविधा से जुड़े प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
सर्दियों में बढ़ेगी निगरानी, संरक्षा अभियान होंगे तेज
बैठक में विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में रेल संचालन पर फोकस किया गया। श्री अमिताभ ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि
- नियमित और सघन निरीक्षण किए जाएं,
- ट्रैक, सिग्नल और प्वाइंट्स पर विशेष नजर रखी जाए,
- अधीनस्थ कर्मचारियों की समय-समय पर काउंसलिंग हो,
- और संरक्षित रेल संचालन के लिए विशेष संरक्षा अभियान चलाए जाएं।
उन्होंने दो टूक कहा कि सतर्कता और सजगता ही दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे बड़ा हथियार है।
सजगता ने टालीं बड़ी दुर्घटनाएं, रेलकर्मी बने मिसाल
बैठक के दौरान महाप्रबंधक श्री अमिताभ ने रेल संरक्षा में असाधारण सतर्कता दिखाने वाले रेलकर्मियों को पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाया।
जयपुर मंडल से—
- बाबूलाल मीना (ट्रैक मेंटेनर) ने झर स्टेशन यार्ड में टंग रेल फ्रैक्चर को समय रहते पहचानकर अधिकारियों को सूचना दी और एक बड़ी दुर्घटना टाल दी।
- रामचन्द्र कीर (ट्रैक मेंटेनर) ने रात्रि पेट्रोलिंग के दौरान रेल फ्रैक्चर की सूचना देकर ट्रैक को सुरक्षित कराया।
अजमेर मंडल से—
- हरकेश मीना (वरिष्ठ ड्रेसर) ने राणा प्रताप नगर के पास एक अज्ञात व्यक्ति के आत्महत्या प्रयास को रोककर मानव जीवन बचाया।
- रामदयाल (ट्रैक मेंटेनर) ने भूपाल सागर स्टेशन पर समय रहते मालगाड़ी को रुकवाकर गंभीर हादसा टाल दिया।
- प्रहलाद मीना (ट्रैक मेंटेनर) ने वेल्ड फ्रैक्चर की सूचना देकर गाड़ी संख्या 12315 को रोकवाया और ट्रैक को संरक्षित किया।
जोधपुर मंडल से—
- मिट्ठू सिंह (ट्रैक मैनेजर) ने साइडिंग में वैगन के पास रेल फ्रैक्चर देखकर तुरंत स्टेशन मास्टर को सूचित किया, जिससे संभावित दुर्घटना टल गई।
इन सभी रेलकर्मियों को उनके प्रशंसनीय, सतर्क और जिम्मेदार कार्य के लिए सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया।
लक्ष्य स्पष्ट: समय पर काम, सुरक्षित सफर
बैठक के अंत में महाप्रबंधक श्री अमिताभ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप और समयसीमा में पूरे किए जाएं, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मुख्यालय स्तर पर स्वीकृति वाले कार्यों में पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा।

