24 News Update भीलवाड़ा। नगर निगम टाउन हॉल में गुरुवार को आयोजित रियायती आवासीय भूखंड योजना की लॉटरी प्रक्रिया उस समय विवादों में घिर गई जब ST (अनुसूचित जनजाति) कोटे में अन्य वर्गों के नाम निकलने पर आवेदक भड़क उठे। मौके पर मौजूद UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा की मौजूदगी में लोगों ने जोरदार हंगामा किया और लॉटरी निरस्त करने की मांग उठाई।
यह लॉटरी भीलवाड़ा यूआईटी की 8 आवासीय योजनाओं में 3081 भूखंडों के आवंटन के लिए निकाली जा रही थी। इसके लिए 88,239 आवेदन प्राप्त हुए थे। लॉटरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की तीन सदस्यीय टीम भी मौजूद रही।
हंगामे के बाद मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने स्थिति संभालते हुए घोषणा की कि एक महीने के भीतर लॉटरी प्रक्रिया की जांच पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल उन्हीं लोगों को आवंटन पत्र जारी होंगे जिनके दस्तावेज सही पाए जाएंगे। गलत प्रमाण पत्र देने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने कहा कि जिन श्रेणियों में आपत्तियां आई हैं, उनके दस्तावेजों का पुनः वेरिफिकेशन कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी शर्तों के सत्यापन के बाद ही अंतिम आवंटन किया जाएगा।
लॉटरी के दौरान EWS श्रेणी में 21,877 आवेदन, LIG में 8421, MIG-A में 40,560 और MIG-B में 10,080 आवेदन आए थे। सबसे अधिक रुचि मध्यम और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों ने दिखाई।
लॉटरी प्रक्रिया सुबह 10:30 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चली। दोपहर 12:15 बजे के आसपास हंगामा शुरू हुआ, जो करीब एक घंटे तक चला। इस दौरान भी लॉटरी की प्रक्रिया जारी रही।
प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लॉटरी का यूट्यूब पर सीधा प्रसारण किया गया। टाउन हॉल में एलईडी स्क्रीन और 10 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए।
मंत्री खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति को अपनी छत मिले। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन आवास योजना और अन्य योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को जल्द आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।
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