24 News Update जयपुर। राजस्थान में शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश के लिए गुरुवार को राजधानी जयपुर स्थित शिक्षा संकुल में लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर दी गई। इस लॉटरी के जरिए राज्यभर से आए लाखों आवेदनों में छात्रों के प्रवेश की प्राथमिकता तय की गई है। अब अभिभावक अपने बच्चे का क्रम केवल ई-मित्र केंद्र के माध्यम से देख सकेंगे।शिक्षा विभाग के अनुसार इस वर्ष राज्यभर से करीब 6.34 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। पहले लॉटरी सुबह 11:30 बजे घोषित करने की योजना थी, जिसे बाद में शाम 4 बजे तक स्थगित किया गया, लेकिन तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोपहर करीब 1 बजे ही लॉटरी निकाल दी गई और अभिभावकों को सूचना मिलनी शुरू हो गई।चार कक्षाओं में मिलेगा प्रवेशइस बार आरटीई के तहत पीपी-3 प्लस, पीपी-4 प्लस, पीपी-5 प्लस और कक्षा पहली में प्रवेश के लिए आवेदन मांगे गए थे। आवेदन प्रक्रिया के दौरान अभिभावकों को अपने बच्चे के लिए अधिकतम पांच निजी स्कूलों का चयन करने का विकल्प दिया गया था। इन श्रेणियों के तहत नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा।नियमों के अनुसार नर्सरी कक्षा में निजी स्कूलों की कुल सीटों के 25 प्रतिशत पर आरटीई के तहत प्रवेश दिया जाएगा, जबकि अन्य कक्षाओं में केवल खाली सीटों पर ही एडमिशन होंगे।राज्य में 33 हजार से अधिक निजी स्कूलयू-डाइस के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में लगभग 33 हजार 548 निजी स्कूल संचालित हैं। सरकारी और निजी स्कूलों को मिलाकर राज्य में कुल विद्यालयों की संख्या एक लाख से अधिक है। ऐसे में आरटीई योजना के तहत बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ने का अवसर मिलता है। 20 फरवरी से शुरू हुई थी प्रक्रियाशिक्षा विभाग ने आरटीई प्रवेश के लिए 20 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी, जिसकी अंतिम तिथि 10 मार्च निर्धारित की गई थी। लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चयनित विद्यार्थियों के प्रवेश की आगे की औपचारिकताएं शुरू होंगी और दस्तावेज सत्यापन के बाद उन्हें संबंधित स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा।फर्जी दस्तावेजों पर सख्तीइस बार प्रवेश प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों के उपयोग को लेकर भी सख्ती बरती जा रही है। स्कूल प्रबंधन को चेतावनी दी गई है कि यदि आय प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज गलत पाए जाते हैं तो संबंधित अभिभावकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा सकती है। इसी कारण आवेदन के दौरान पैन कार्ड धारकों से पैन नंबर भी मांगा गया है।ऐसे पूरी होगी प्रवेश प्रक्रियालॉटरी के बाद अभिभावकों को यह जानकारी दी जा रही है कि उनके द्वारा चुने गए पांच स्कूलों में बच्चे की प्राथमिकता क्या है। अभिभावकों को उन स्कूलों में से ऐसे विद्यालय का चयन करना होगा जहां प्रवेश की संभावना अधिक हो। इसके बाद मूल दस्तावेज स्कूल में जमा कराए जाएंगे और प्रबंधन द्वारा सत्यापन किया जाएगा। यदि बच्चा उसी नगर निगम वार्ड का निवासी है जहां स्कूल स्थित है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश मिलेगा। अन्य वार्ड के मामलों में आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है, जिसका निस्तारण संबंधित कार्यालय में आवेदन देकर कराया जा सकेगा। चयनित विद्यार्थियों की कक्षाएं 1 अप्रैल से शुरू होने की संभावना है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े की तबीयत बिगड़ी, एसएमएस हॉस्पिटल के मेडिकल आईसीयू में भर्ती ताइक्वांडो के फर्जी प्रमाण-पत्रों से शिक्षक भर्ती में सेंध का बड़ा खुलासा: उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे से नौकरी की साजिश, 19 अभ्यर्थियों सहित 20 गिरफ्तार