24 News Update रायला ग्रामीण क्षेत्र में सड़कें सरकारी ने विकास के दावों की पोल खोल रही है। रुपाहेली से खारड़ा, गांगलास से करियाला, रायला से उदलपुरा, । गांगलास से खारड़ा जैसे कई मार्ग ऐसे है जहां सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढ़ों से वाहन चालकों के साथ ही पैदल आने जाने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब 10 साल पहले बनी गांगलास से खारड़ा की तीन किलोमीटर सड़क अब पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। वहीं गांगलास से रूपाहेली तक आजादी के बाद से कभी सड़क नहीं बनी। इन सड़कों से भीलों का खेड़ा, करियाला, मोती बोर का खेड़ा, ईरांस, रामपुरिया, पाटियों का खेड़ा जैसे कई गांव जुड़े है, लेकिन स्थानीय लोग अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। समाज सेवी मनीष कुमार सुवालका ने बताया कि चुनावों में जनप्रतिनिधियों ने सड़क निर्माण का वादा किया था, लेकिन जीतने के बाद किसी ने मुड़कर नहीं देखा। सरकार में विधायक, सांसद और भाजपा सरकार होने के बावजूद सड़क निर्माण को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। गांगलास से रूप्पाहेली मार्ग करीब 6-7 गांवों को जोड़ता है, जहां की आबादी करीब 10 हजार है। बिन बारिश के मौसम में इन सड़कों पर पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि बीजेपी विधायक और सांसद को कई बार ज्ञापन और मौखिक रूप से शिकायत दी गई, लेकिन सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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