24 न्यूज अपउेट. जयपुर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित रीट-2024 परीक्षा के दूसरे दिन भी सख्त सुरक्षा जांच की गई। परीक्षा में कुल 5,41,598 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। डूंगरपुर के स्वामी विवेकानंद कॉलेज में परीक्षा देने पहुंचे एक परीक्षार्थी को जनेऊ उतारने के बाद ही एंट्री दी गई जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से हंगामा मचा हुआ है। विप्र फाउंडेशन व अन्य संगठनों ने इसे धार्मिक आस्था पर प्रहार बताया है। उनका कहना है कि इससे पहले भी सीईटी परीक्षा में बांसवाड़ा के अभ्यर्थी से जनेउ उतरवाया गया था जिस पर प्रदर्शन किए गए थे, इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठनों की ओर से कहा गया कि रीट परीक्षा में जांच जरूरी है लेकिन इस प्रकार के लकीर के फकरी बनते हुए जांच करना सही नहीं है। जनेउ धार्मिक आस्था का मामला है। जनेउ की जांच करने के बाद उसे पहनने की अनुमति आसानी से दी जा सकती थी। सरकार का दखल देकर नियम बदलने चाहिए। अलवर में एक महिला परीक्षार्थी अपने सूट के बटन काटने पर भड़क गई। उसने महिला कर्मचारी से गुहार लगाई कि उसके कपड़ों को नुकसान न पहुंचाया जाए, लेकिन कर्मचारियों ने सुरक्षा जांच के तहत ऐसा किया, जिससे परीक्षार्थी ने नाराजगी जताई। स्वामी विवेकानंद कॉलेज पुनाली में कैंडिडेट हेमेंद्र कुमार जोशी की जनेऊ तक उतरवाई गई। स्टूडेंट ने जनेऊ नहीं उतारने की मिन्नत की, लेकिन एग्जाम में बैठने की मजबूरी में स्टूडेंट को जनेऊ उतारनी पड़ी और फिर एग्जाम में जाने दिया गया। वहीं कैंडिडेट की जनेऊ उतारवाने का मामला सामने आने के बाद ब्राह्मण समाज में भी आक्रोश है। विप्र फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष ललित उपाध्याय और महामंत्री प्रशांत चौबीसा ने कहा जनेऊ ब्राह्मण समाज का संस्कार है। विप्र फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष ललित उपाध्याय और महामंत्री प्रशांत चौबीसा ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि जनेऊ ब्राह्मण समाज का संस्कार है, जिसका नकल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से जनेऊ उतरवाने का कोई आदेश नहीं था, फिर भी ब्राह्मण छात्र की जनेऊ उतरवाई गई, जो पूरी तरह से गलत है। लेट होने पर एंट्री नहीं मिली, प्रेग्नेंट महिला भी रह गई बाहर कई परीक्षा केंद्रों पर 9 बजे के बाद एंट्री बंद कर दी गई। उत्तर प्रदेश से आई एक महिला परीक्षार्थी एंट्री न मिलने से रो पड़ी। अलवर में एक गर्भवती महिला भी कुछ सेकंड की देरी से पहुंची, लेकिन उसे परीक्षा केंद्र में जाने की अनुमति नहीं मिली। उसका कहना था कि वह तेज दौड़ नहीं सकी, इसलिए देर हो गई। उदयपुर में भी कई परीक्षा केंद्रों पर केवल एक मिनट देरी से आने पर अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। उनका कहना था कि परीक्षा केंद्र को खोजने में देरी की वजह से वे लेट हो गए। लेकिन परीक्षा केंद्र के अधीक्षक नहीं माने। फेस स्कैनिंग के कारण लंबी कतारें उदयपुर, अलवर, कोटा और सवाई माधोपुर सहित कई जिलों में फेस स्कैनिंग प्रक्रिया में देरी के कारण परीक्षार्थियों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा। गुरुवार को परीक्षा के पहले दिन भी कड़ी सुरक्षा जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को एंट्री दी गई थी। त्म्म्ज् परीक्षा के लिए कुल 14,29,822 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जो राजस्थान के 41 जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दे रहे हैं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अलवर जिले में थाना कोतवाली पुलिस ने गौ तस्कर गिरोह के मुख्य सरगना हिस्ट्रीशीटर अरशद मेव को किया गिरफ्तार REET के आज के आंकड़े : उदयपुर में 91.29 प्रतिशत रही उपस्थित, सिरोही में सर्वाधिक और डीग में सबसे कम