24 News update जयपुर, 3 अगस्त — बहुचर्चित राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट)-2021 पेपर लीक मामले में जब्त 1 करोड़ 20 लाख रुपए से अधिक की नकदी अब फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में बदली जाएगी। इस संबंध में ईडी मामलों की विशेष अदालत (सीबीआई कोर्ट-3, जयपुर) ने एसओजी को आदेश जारी किया है कि यह राशि अधिक ब्याज दर देने वाले बैंक में एफडी के रूप में जमा करवाई जाए।
चार साल से थाने में रखा था कैश, अब जयपुर कोर्ट में जमा
यह रकम गंगापुरसिटी थाना पुलिस द्वारा वर्ष 2021-22 में रीट पेपर लीक मामले से जुड़े अलग-अलग आरोपियों से जब्त की गई थी और पिछले चार साल से गंगापुरसिटी थाने में रखी हुई थी। अब जब यह मामला जयपुर ट्रांसफर हो चुका है, तो जब्त नकदी और अन्य सामग्री को सीबीआई कोर्ट-3 (ईडी कोर्ट) में भेजा गया।
कोर्ट का आदेश: नकदी की एफडी और जब्त सामान एसओजी के हवाले
विशिष्ट लोक अभियोजक बी.एस. चौहान ने जानकारी दी कि गंगापुरसिटी थानाधिकारी की ओर से न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर जब्त ₹1.20 करोड़ नकदी और अन्य सामग्री को कोर्ट में जमा करवाने का आग्रह किया गया था। इस पर कोर्ट ने:
- नकदी को एफडी में जमा करवाने का आदेश दिया।
- एफडी अधिक ब्याज देने वाले बैंक में कराने को कहा।
- बैंक का नाम विशेष लोक अभियोजक को सूचित करने के निर्देश भी दिए।
- जब्त सामान को एसओजी थाना को सौंप दिया गया।
सुनवाई के दौरान कई आरोपी रहे मौजूद
मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी चन्दनराम, कमला विश्नोई, सुमन, सोहिनी महेन्द्र कुमार, सुरेन्द्र सिंह, राजेश कुमार मीना, संजय कुमार मीना, बत्ती लाल मीणा, रवि मीणा, अमित कुमार मीणा, कमलेश मीणा, शिवदान मीणा, नरेन्द्र विश्नोई, मुन्नीलाल विश्नोई और अशोक कुमार कोर्ट में मौजूद रहे।
वहीं अन्य गैरहाजिर आरोपियों के हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र को कोर्ट ने स्वीकृति दे दी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।

