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रिकॉर्ड कमाई, तेज रफ्तार विकास—उत्तर पश्चिम रेलवे ने गिनाईं उपलब्धियां, नए साल के लिए बड़ा रोडमैप तैयार

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24 News Update जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए आय, यात्री सेवाओं और आधारभूत ढांचे में नए रिकॉर्ड कायम किए हैं। गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाप्रबंधक अमिताभ ने बीते साल की उपलब्धियों और 2026-27 की कार्ययोजना का खाका पेश किया।
रेलवे के अनुसार, वर्ष 2025-26 में कुल सकल आय 8622 करोड़ रुपये रही, जो अब तक की सबसे अधिक है और पिछले साल के मुकाबले 7.5% ज्यादा है। यात्री आय 3727 करोड़ रुपये (9.8% वृद्धि) और माल ढुलाई से 3865 करोड़ रुपये (7.2% वृद्धि) अर्जित किए गए। इस दौरान 18.45 करोड़ यात्रियों ने सेवाओं का लाभ उठाया।
माल ढुलाई में भी रेलवे ने 30.53 मिलियन टन का आंकड़ा छूकर तय लक्ष्य को पार किया। वहीं ट्रेनों की समयपालन दर 93.03% रही, जिससे यह जोन देश में दूसरे स्थान पर रहा।
यात्रियों की सुविधा के लिए 792 विशेष ट्रेनें चलाई गईं, 1864 अतिरिक्त कोच जोड़े गए और 13 नई ट्रेन सेवाएं शुरू की गईं। वंदे भारत ट्रेनों का भी विस्तार हुआ, जिसमें जोधपुर-दिल्ली कैंट, बीकानेर-दिल्ली कैंट और उदयपुर सिटी-असारवा रूट शामिल हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो 113 किलोमीटर ट्रैक डबलिंग और 10 किलोमीटर नई लाइन का निर्माण पूरा किया गया। वहीं 5549 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है, जो कुल नेटवर्क का लगभग 99% है।
रेलवे ने स्क्रैप निपटान से 308.68 करोड़ रुपये की कमाई की, जबकि ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत 77 स्टेशनों का 4100 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास जारी है, जिसमें जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर और उदयपुर सिटी जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।
सुरक्षा के क्षेत्र में ‘कवच’ सिस्टम के तहत 5561 किलोमीटर नेटवर्क स्वीकृत किया गया है, जिसमें काम तेजी से चल रहा है। वहीं 313 किलोमीटर रूट पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग लागू की जा चुकी है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2026-27 में सुरक्षा, तकनीकी उन्नयन, यात्री सुविधाओं और माल परिवहन में और तेजी लाई जाएगी, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, तेज और बेहतर सेवाएं मिल सकें।

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